केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। आज का यह बजट लोक लुभावन नहीं होकर आत्मनिर्भर भारत पर फोकस किया गया है इसमें समावेशी विकास, आर्थिक स्थिरता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है।

बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन, कृषि एवं सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही मध्यम वर्ग, महिलाओं, युवाओं, किसान, उद्योग एवं गरीब वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया गया है। इस बजट में विशेष कर स्टार्टअप के लिए सुविधा, छोटे उद्योगों के लिए 200 करोड़,मेगा टेक्सटाइल, केमिकल पार्क, 200 इंडस्ट्रियल पार्क का रिवाइवल, एसएमई के लिए 10000 करोड़ की विकास निधि, पांच औद्योगिक क्षेत्र के लिए 20000 करोड़ की घोषणा से उद्योग क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलेगा और मेक इन इंडिया को बल मिलेगा।
सरकार ने इस बजट के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकल्प दोहराया है।
यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ आम नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्य रूप से नई सड़क, पुल, औद्योगिक बुनियादी ढांचा, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, खेलो इंडिया मिशन आदि कि घोषणाओं से देश का चतुर्दिक विकास होगा।
ड्यूटी में छूट देने से कुछ आवश्यक सामग्री में भी राहत मिलेगी। विशेष कर कैंसर एवं डायबिटीज की दवाएं सस्ती होगीं।
किंतु इस बजट में आयकर दाता को निराशा हाथ लगी,गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयकर दाता कुछ विशेष छूट की आशा कर रहे थे किंतु आयकर में कोई छूट नहीं मिली , हां छोटे कर दाता के लिए एक योजना का प्रस्ताव, 1 अप्रैल 2026 से नया फार्म लागू करने , दंड की जगह टैक्स की घोषणा आदि की गई है।
इस प्रकार वर्तमान बजट को देश के आर्थिक विकास के नजर से बेहतर ही कहा जाएगा।
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