बंधुआ एवं बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सितामढ़ी जिले में जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ संवाददाता कुमार सिंह

बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 की स्वर्ण जयंती के अवसर पर श्रम एवं संसाधन विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार सितामढ़ी जिले में बंधुआ एवं बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, अदिथी संस्था एवं नई पहचान संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, सितामढ़ी सदर एवं श्रम विभाग के पदाधिकारियों द्वारा समाहरणालय परिसर एवं श्रम विभाग के कार्यालय, सितामढ़ी से जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को बंधुआ एवं बाल श्रम से संबंधित कानूनों, पीड़ितों के अधिकारों, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना तथा समाज में इस अमानवीय प्रथा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, सितामढ़ी सदर ने अपने संबोधन में कहा कि बंधुआ एवं बाल श्रम का उन्मूलन प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी, सतत निगरानी और समयबद्ध पुनर्वास से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। श्रम विभाग के पदाधिकारियों ने विभागीय योजनाओं, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया एवं पीड़ितों को उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी।
जन-जागरूकता रथ के माध्यम से जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर जिंगल प्रसारण, पोस्टर चस्पा एवं पंपलेट वितरण के जरिए लोगों को बंधुआ एवं बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे ऐसी किसी भी स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन या श्रम विभाग को दें।
यह जिला स्तरीय अभियान राज्य सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बंधुआ एवं बाल श्रम के विरुद्ध जन-जागरूकता को मजबूत करना, पीड़ितों के अधिकारों को सुनिश्चित करना और प्रभावी पुनर्वास के माध्यम से उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है।
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