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• डीसीई में सौर ऊर्जा व ऊर्जा संरक्षण पर कार्यशाला व क्विज आयोजित: जल-जीवन-हरियाली दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को सतत विकास के लिए किया गया प्रेरित 

• डीसीई में सौर ऊर्जा व ऊर्जा संरक्षण पर कार्यशाला व क्विज आयोजित: जल-जीवन-हरियाली दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को सतत विकास के लिए किया गया प्रेरित

 

दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (डीसीई), दरभंगा में जल-जीवन-हरियाली दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत “सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन एवं ऊर्जा बचत की अनिवार्यता” विषय पर कार्यशाला एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में BREDA के असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर अनुराग श्री उपस्थित रहे। संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने उन्हें शॉल और पौधा भेंट कर स्वागत किया।

अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने छात्रों को ऊर्जा संरक्षण की आदत अपनाने तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग भविष्य की सतत विकासशील समाज की आधारशिला है। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. शशि भूषण कुमार ने जल संरक्षण की तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को पानी के संरक्षण के लिए जागरूक किया। वहीं इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका ने अपने व्याख्यान में नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि भारत की भौगोलिक स्थिति के कारण वर्ष के अधिकांश दिनों में सूर्य का प्रकाश उपलब्ध रहता है, जिसका उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रभावी रूप से किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को स्मार्ट ऑटोमेशन, डिजिटल ट्विन्स और स्मार्ट ग्रिड जैसी आधुनिक तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी।

मुख्य अतिथि अनुराग श्री ने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है और लोगों को नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आई. सी. ठाकुर ने कहा कि भारत सतत विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सौर ऊर्जा को अपनाने से बिजली खर्च में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता भी कम होगी। इससे वैश्विक स्तर पर उभर रही ऊर्जा और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों से निपटने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने छात्रों को ऊर्जा संरक्षण की आदत विकसित करने तथा विशेष रूप से सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के छात्र ही देश का भविष्य हैं और उनकी जागरूकता से ही एक सतत एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित क्विज प्रतियोगिता में सिविल इंजीनियरिंग की अंशु कुमारी और विक्रम कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रिंस कुमार द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के मोहित कुमार ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न भेंट कर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रो. बिदिशा साहू, प्रो. मयंक कुमार, प्रो. अंकित कुमार, आदित्य कुमार व अन्य विशेषज्ञ शिक्षक सहित छात्र समन्वयक रेमंत कुमार, कोमल और आकांक्षा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर लाभ उठाया।

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