दरभंगा  जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में  जिले में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध रसोई गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी रखी जा रही है । 

 

 

दरभंगा  जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में  जिले में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध रसोई गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी रखी जा रही है ।

इसी क्रम में उप विकास आयुक्त  स्वप्निल, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी  राजेश गुप्ता एवं पणन पदाधिकारी (शहरी क्षेत्र), दरभंगा द्वारा संयुक्त रूप से शहर के अल्लपट्टी स्थित गोदावरी गैस एजेंसी का संयुक्त रूप औचक निरीक्षण किया गया।

 

निरीक्षण के दौरान एजेंसी में कई गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।

अनुज्ञप्ति में वर्णित गोदाम के अतिरिक्त एक अन्य कक्ष का अवैध रूप से उपयोग गैस सिलेण्डरों के भंडारण के लिए किया जा रहा था, जहाँ बड़ी संख्या में खाली सिलेण्डर पाए गए, जिनके संबंध में एजेंसी के प्रोपराईटर द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

जाँच में यह भी पाया गया कि एजेंसी में भारी बैकलॉग के बावजूद सिलेण्डरों की संदिग्ध डिलेवरी की जा रही है।

दिनांक -04.04.2026 को उपभोक्ताओं की संख्या की तुलना में अधिक सिलेण्डरों की डिलेवरी दर्शायी गई, जिससे काला बाजारी की आशंका प्रबल होती है।उपभोक्ताओं की शिकायतों के बावजूद समय पर गैस आपूर्ति नहीं की जा रही है।

• इसके अतिरिक्त, गोदाम परिसर में गैस सिलेण्डर के स्टॉक एवं मूल्य से संबंधित अनिवार्य सूचना का प्रदर्शन नहीं किया गया, जो द्रविकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 की कंडिका – 08 का उल्लंघन है ।

एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतों के निष्पादन में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। बड़ी संख्या में लंबित बुकिंग (बैकलॉग) के बावजूद समय पर होम डिलेवरी नहीं की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति बनी हुई है।

एक उपभोक्ता द्वारा यह शिकायत भी प्राप्त हुई कि गैस सिलेण्डर की डिलेवरी का संदेश प्राप्त होने के बावजूद वास्तविक डिलेवरी नहीं की गई, जिससे वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठता है।

उपरोक्त तथ्यों के आलोक में जिलाधिकारी  कौशल कुमार द्वारा गोदावरी गैस एजेंसी, अल्लपट्टी के प्रोपराइटर को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एजेंसी का अनुज्ञप्ति रद्द करते हुए संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता/शिथिलता या लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

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