विश्व हाईपरटेंशन डे आज
– विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 33% भारतीय हाइपरटेंशन से ग्रसित
– देश

में हर साल 3 लाख लोग गंवा देते हैं जान
-जीवनशैली में बदलाव लाकर रहें स्वस्थ
मधुबनी
प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। हाइपरटेंशन दूसरा नाम है उच्च रक्तचाप भी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत जैसे देश में हर साल 3 लाख से ज्यादा लोग इस बीमारी के कारण जान गवा देते हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत के शहरी क्षेत्रों में 25 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 10 प्रतिशत लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की माने तो हर तीन में से एक भारतीय युवा हाइपरटेंशन की गिरफ्त में है।
क्या है हाइपरटेंशन
सदर अस्पताल के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉक्टर एसपी सिंह बताते हैं कि हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी बीमारी है जो तेजी से बढ़ रही है इसमें कोई खास लक्षण नहीं दिखते हैं यह बिना किसी चेतावनी के आती है, इसे साइलेंट किलर कहते हैं इसको जानने के एक ही तरीका है, ब्लड प्रेशर की जांच कराएं बीपी बढ़ जाने पर सिर में दर्द हो सकता है इसके अलावा इसके कोई भी लक्षण नहीं है।
डॉ सिंह ने बताया रक्तचाप नियंत्रित करना अत्यंत जरूरी है इसके लिए नियमित बीपी की जांच करवानी चाहिए, दवा का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। भोजन और पेय पदार्थ में नमक की मात्रा कम करें, अल्कोहल का सेवन ना करें, प्रतिदिन योग व्यायाम करें,तनाव को कम करें कम से कम 8 घंटे जरूर नींद लें।
हाइपरटेंशन के क्या है कारण
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ जाना मोटापा अनुवांशिक ज्यादा मांसाहार का सेवन करना ज्यादा तैलीय पदार्थ एवं ज्यादा नमक का प्रयोग करना शराब का सेवन करना।
डॉ सिंह ने बताया अगर तेज दर्द, नजर में परिवर्तन, सीने में दर्द दबाव या सांस फूलना, चेहरे, बांह पर अचानक सुन्नपन, झुनझुनाहट , कमजोरी,घबराहट समझने में कठिनाई, बोलने में कठिनाई तो तुरंत सदर अस्पताल में संपर्क करें।
सामान्यता मनुष्य का रक्तचाप 120/80 होता है जो प्रतिदिन प्रति घंटे बदलते रहते हैं।
डॉ सिंह ने कहा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन है। लोग घरों में कैद हैं। इस वजह से लोगों का घूमना-फिरना भी बंद है।दिनचर्या प्रभावित होने से कुछ लोग तनाव में आ जाते हैं। हाईपरटेंशन से ग्रसित लोगों के लिए ऐसी परिस्थिति खतरनाक हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि घर पर ही रहकर अपनी जीवनशैली को इस तरह बनाएं कि तनाव नहीं हो। नियमित दिनचर्या से आप हाईपरटेंशन से मुक्त हो सकते हैं।
क्या है बचाव:
हाईपरटेंशन से बचाव के लिए हमें सबसे पहले खान-पान में सुधार करना होगा। इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए हेल्दी डाइट लेनी चाहिए। कम मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए भोजन में कम मात्रा में नमक लेने से हाईपरटेंशन की समस्या से बचा जा सकता हैं। खाने में हरी सब्जियों और सलाद का प्रयोग अधिक से अधिक करें। अधिक तेल मसाले के सेवन से बचना चाहिए। वसा युक्त भोजन का प्रयोग ना करें।
शरीर को दे आराम: नींद पूरी नहीं होने से भी तनाव बढ़ता है। अभी जब आप घर में है तब आठ घंटे सोने की कोशिश करें। हां, एक रूटिन के तहत नींद को पूरी करें। रात में जल्द सोएं और सुबह जल्द उठें। सुबह जल्द उठने से दिनभर ताजगी का अहसास होता है। कोशिश करें कुछ समय तक योग भी करें। इससे दिन खुशनुमा बीतेगा और तनाव से भी मुक्त रहेंगे।
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