मखाना मिथिलांचल का प्रमुख उत्पाद है, पूरे विश्व में मखाना की चर्चा चले और मिथिलांचल खासकर दरभंगा का नाम ना आए ऐसा हो नहीं सकता। मिथिला का यह ड्राई फ्रूट( मेवा) विश्व प्रसिद्ध है, हो भी क्यों नहीं सभी जानते हैं कि स्वास्थ्य के लिए किसी भी मेवा अखरोट, काजू आदि से भी अधिक फायदेमंद है क्योंकि इसमें प्रोटीन ,जींक ,फाइबर, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की मात्रा भरी हुई है। चाहे बीमारी की स्थिति में हो या पूजा पाठ सब में मखाना की आवश्यकता होती है।
इस संदर्भ में मिथिलांचल इंडस्ट्रियल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष बिनोद कुमार पंसारी ने बताया की मखाना के कुल उत्पादन का 80% मिथिलांचल में तैयार किया जाता है। पहले मखाना पोखर एवं ताल तिलैया में पैदा होता था किंतु मखाना अनुसंधान केंद्र की दरभंगा में स्थापना के पश्चात काफी अनुसंधान हुए और उसका फायदा भी उत्पादकों को मिला है, अब मिथिलांचल में तीन चार फीट पानी में भी मखाना का उत्पादन होने लगा जिससे उपज के साथ-साथ किसानों को भी काफी फायदा हुआ किंतु समुचित बाजार एवं आगे अनुसंधान नहीं होने की वजह से यह उद्योग फल फूल नहीं सका। मखाना अनुसंधान केंद्र भी शुरुआत के दिनों में चेंबर के साथ-साथ किसानों के बीच कई अहम बैठक कर लोगों को जानकारियां उपलब्ध करवाई किंतु कालांतर में अनुसंधान केंद्र स्वतः बीमार होता चला गया। जिसके लिए चैंबर ने दरभंगा में आयोजित अपने सेमिनार में उपस्थित माननीय उद्योग मंत्री ,बिहार श्रीमती रेनू कुशवाहा का ध्यान आकृष्ट कर चालू करने एवं व्यापक अनुसंधान की आवश्यकता बतलाई। अपने दूसरे सेमिनार मैं उपस्थित माननीय उद्योग मंत्री जय प्रकाश सिंह के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया क्योंकि मिथिलांचल के विकास में इसकी अहम भूमिका हो सकती है।
हमारा सौभाग्य है की हमारे माननीय सांसद गोपाल जी ठाकुर ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के विभागों सहित लोकसभा में भी पुरजोर तरीके से उठाया इसीका नतीजा है की माननीय प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज में मखाना कलस्टर बनाने की घोषणा सरकार के द्वारा की गई है। जिसका व्यापक स्तर पर स्वागत हुआ तथा सांसद श्री ठाकुर के प्रति लोगों ने आभार व्यक्त किया। चैंबर के प्रधान सचिव ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया की अनुसंधान केंद्र को पुनः व्यवस्थित कर व्यापक अनुसंधान की आवश्यकता है, मखाना से कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं और उसकी मार्केटिंग विश्व स्तर पर की जा सकती है। अभी मखाना सीधे बाजारों में भेजा जाता है। मखाना प्रोसेसिंग के लिए एक भी बड़ी यूनिट इस क्षेत्र में नहीं लगी है जिसमें मखाना के अन्य उत्पाद तैयार कर उसकी उपयोगिता आमजन को बतलाई जा सके। मखाना एक ऐसा उत्पाद है जो इस क्षेत्र का आर्थिक रूप से कायापलट कर सकती है इसलिए इस ओर सरकार को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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