कोरोना संक्रमण को लेकर गर्भवती महिलाएं रहें तनाव से दूर : सिविल सर्जन
-सदर अस्पताल में उपलब्ध है प्रसव पूर्व और बाद की सुविधाएं
-सिजेरियन प्रसव के लिए नहीं किया जाता रेफर
-आयरन तथा कैल्शियम की गोली जरूर खाएं
-6 माह तक बच्चों को कराएं केवल स्तनपान
मधुबनी/ 20 मई
वैश्विक महामारी कोरोना काल में वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन का चौथा चरण है, गर्भवती महिलाएं अपने होने वाले प्रसव को लेकर तनाव में आ सकती हैं, लेकिन

गर्भावस्था के दौरान बेहतर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की जरूरत होती है। गर्भवती महिला को भविष्य की चिंता नहीं करनी चाहिए, ताकि आपके होने वाले बच्चों पर असर न पड़े उन्हें अपनी सोंच सकारात्मक रखना चाहिए।
गर्भावस्था में क्या खाएं:
गर्भवती महिला को 3- 4 घंटे की अवधि में संतुलित आहार के साथ बीच-बीच में हल्का नाश्ता भी करते रहना चाहिए। गर्भवती महिला को पौष्टिक आहार में अंकुरित अनाज, पनीर, गुड़- चना, फल आदि को आहार में शामिल करना चाहिए।
भरपूर पानी पिएं
गर्भवती महिला को प्रतिदिन 10 से 12 ग्लास पानी जरूर पीना चाहिए , तथा लस्सी, छाछ जरूर सेवन करना चाहिए।
सदर अस्पताल में उपलब्ध है सारी सुविधाएं:
सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील कुमार झा ने बताया गम्भीर स्थिति में गर्भवती को अब प्रसव के लिए रेफर नहीं किया जाता। सदर अस्पताल में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिले में 21 अप्रैल से 20 मई तक कुल-18 सिजेरियन प्रसव हुए हैं। सिजेरियन प्रसव के लिए अब डीएमसीएच रेफर नहीं किया जाता है। झा ने बताया प्रसव पूर्व जांच,उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं, गर्भावस्था के दौरान दी जाने वाली जरूरी दवाएं एवं गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग जैसे अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पहले की तरह दिया जाता है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल लाने एवं उन्हें घर पहुंचाने के लिए 102 नंबर पर एंबुलेंस निशुल्क दिया जाता है। वर्तमान में सदर अस्पताल में चार गायनाकोलॉजिस्ट( स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) डॉ. प्रवृत्ति मिश्रा, डॉ. खुशबू, डॉ.आकांक्षा एवं सना फातमा पदस्थापित हैं।
आयरन की 180 तथा 180 कैल्सियम जरूर लेनी चाहिए:
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवृत्ति मिश्रा ने बताया जिन महिलाओं में खून की कमी हो, उन प्रेग्नेंट महिलाओं को बच्चे को जन्म देने से पहले 180 कैल्शियम की तथा 180 आयरन की गोलियां लेनी चाहिए और 180 आयरन की गोली जन्म देने के बाद लेनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को चार प्रसव पूर्व जांच एवं टिटनेस का टीका सुरक्षित प्रसव के लिए जरूरी होता है।
प्रसव के बाद नवजात की ऐसे करें देखभाल:
• जन्म के शुरूआती 1 घन्टे में स्तनपान की शुरुआत एवं अगले 6 माह तक केवल स्तनपान
• बच्चे को गर्म रखने एवं वजन में वृद्धि के लिए कंगारू मदर केयर
• गर्भ नाल को सूखा रखें. ऊपर से कुछ भी ना लागएं
• 6 माह के बाद स्तनपान के साथ शिशु को सम्पूरक आहार
• निमोनिया एवं डायरिया होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह
• बच्चे में किसी भी खतरे के संकेत मिलने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह
बेहतर पोषण के लिए शिशु जन्म के शुरुआती एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत एवं 6 माह तक केवल मां का दूध पिलाना है।
दरभंगा news 24 live 9097031527
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal