केन्द्रीय श्रमिक संगठनों एवं ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आवाह्न पर राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस

काम के घंटे आठ रहेंगे:-ट्रेड यूनियन
श्रम कानूनों में किए गए सभी श्रमिक विरोधी संशोधन वापस लो:- श्रमिक संगठन
केन्द्रीय श्रमिक संगठनों एवं ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आवाह्न पर करोना संकट की आड़ में श्रम कानूनों में कियें गये सभी श्रमिक बिरोधी संशोधन तुरंत प्रभाव से वापस लेने के राष्ट्रव्यापी बिरोध दिवस मनाया गया। देश के केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों में ‘एटक, सीटू, ऐक्टू, इंटक, बैंक, बीमा, केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों का संगठन से जुड़े नेतृत्वकारी मजदूर एवं कर्मचारी नेताओं ने दरभंगा जिला ट्रेड यूनियन कोर्डिनेशन कमिटी एंड सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस के अवसर पर धरना दिया।
पोलो मैदान स्थित धरनास्थल पर एटक के जिला संयोजक प्रदीप कुमार मिश्रा, सीटू के संयोजक एच०एन०झा और एक्टू के उपाध्यक्ष उमेश साह की संयुक्त अध्यक्षता में शारीरिक दूरी मानक बनाए रखते हुए एवं विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने मांगों से संबंधित नारे लिखे हुए बैनर रखे थे। इस अवसर पर कर्मचारी नेता एवं कोआर्डिनेशन कमेटी के जिला के संयोजक फूल कुमार झा ने कहा कि केंद्र सरकार करोना संकट के बहाने देशी, विदेशी और दरबारी कारपोरेट के हाथों सार्वजनिक उधोगों, यहाँ तक कि अत्यंत संवेदनशील रक्षा, परमाणु और अन्तरिक्ष अनुसंधान तक के निजीकरण का फैसला को वापस ले एवं करोना के बहाने, देश की संपदा बेचना बंद करें।
सीटू के राज्य कमिटी के सदस्य सत्य प्रकाश चौधरी ने कहा कि श्रम कानूनों में किए गए सभी श्रमिक बिरोधी संशोधन तत्काल प्रभाव से वापस हो, फँसे हुए प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए उचित संसाधन एवं उनके भोजन, सुरक्षा, दवा आदि की समुचित व्यवस्था हो। सीपीआई जिला सचिव नारायणजी झा ने कहा कि केंद्र सरकार रक्षा उत्पादन में 74% एफडीआई एवं उनके कॉरपोरेटाईजेशन का फैसला एवं हवाई अड्डों की नीलामी बंद करें। बैंक युनियन के नेता सुरेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा बीस लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान, देश की जनता को दिगभ्रमित करने वाला है। वास्तव में डेढ़ लाख करोड़ ही सरकार खर्च करेगी एवं आर०वी०आई० ने ऐसे तमाम फैसले लिए है, जिससे लिक्विडिटी बढ़ेगी और मार्केट में 8.1लाख करोड़ आने का अनुमान है तथा 11.5 लाख करोड़ विर्त्तिय पैकेज के जरिए खर्च किया जाऐगा, जिसका लोन बैंक देगी उसे सरकार केवल ऐसा करने के लिए कहेगी। यह देश की जनता के साथ धोखा है। किसान नेता ललन चौधरी ने कहा कि सरकार मजदूर को दास प्रथा में ले जाना चाहता हैं। इसे हम वामपंथी विचारधारा वाले बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने आन्दोलन को और उग्र करेंगे। एक्टू के जिला सचिव मिथिलेश्वर सिंह ने कहा कि केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मियों के डीए और पेंशनरों के डीआर पर रोक वापस लो तथा ठेका, संविदा पर काम करने वाले कर्मियों की सेवा स्थायी करते हुए समान काम के लिए समान वेतन दो। इस राष्ट्रव्यापी विरोध के अवसर पर धरना के उपरांत पोलो मैदान से लेकर जिला सामाहरणालय तक एटक नेता विश्वनाथ मिश्र और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेता ताराकांत पाठक के नेतृत्व में माँगों के साथ प्रतिवाद मार्च निकाला गया। उक्त धरना और मार्च में शिक्षक नेता नंदन सिंह, सीपीएम नेता श्याम भारती, भाकपा माले नेता देवेंद्र कुमार, एआईएसएफ के जिला सचिव शरद कुमार सिंह, एआईवाईएफ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजू मिश्रा, सीपीआई युवा नेता आनन्द मोहन, वरुण झा, दिलीप मिश्रा, आश्वनी झा, बीएस एस आर युनियन के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, आदित्य कुमार झा, नितेश कुमार, नरेश कुमार झा आदि उपस्थित थे।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal