गोपालगंज।
लॉक डाउन में सांख्यिकी स्वयंसेवकों की स्थिति हुई बदहाल।
बिहार राज्य मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों की लॉक डाउन के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जानकारी के लिए बतादे की वर्ष 2011 में पात्रता परीक्षा के आधार पर सांख्यिकी स्वयंसेवकों का चयन किया गया था। लेकिन किसी कारणवश वर्ष 2016 में सांख्यिकी स्वयंसेवकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। जिसके कारण प्रदेश के हजारों कर्मी रोजगार विहीन हो गए। संघ के सचिव राकेश झा ने अपनी सेवा बर्खास्तगी से सेवा वापसी को लेकर वर्ष 2017 से अभी तक मुख्यमंत्री सचिवालय, योजना विकास सचिवालय, एवं निदेशालय प्रशासनिक विभाग में आवेदन देकर गुहार लगाते रहे हैं लेकिन वर्ष 2012 से 2020 तक सरकार द्वारा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते उत्पन्न हुई लॉक डाउन की समस्या से सांख्यिकी स्वयंसेवक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री महोदय से सांख्यिकी स्वयंसेवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री महोदय को समस्या से अवगत कराएं।साथ ही स्वयंसेवकों के तरफ से यह भी निवेदन किया गया कि चौधरी कमेटी एवं त्रि सदस्य समिति सामान्य प्रशासन के अंतर्गत गठित उक्त दोनों कमेटी अनुशंसा में शामिल ईमेल पत्र भेजा जा रहा है जिस पर माननीय मुख्यमंत्री विचार करते हुए उक्त दोनों कमेटी की अनुशंसा के आलोक में समस्या का निदान करने का कृपा की जाय।
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