5 माह से घर से दूर रहकर कोरोना को हराने में डटे हैं अनिल चक्रवर्ती
सदर अस्पताल में एपिडेमियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं अनिल चक्रवर्ती
05 हजार से अधिक संदिग्ध का सेंपलिंग भेज चुके हैं पटना
वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में अनिल चक्रवर्ती के लिए अस्पताल ही घर बना हुआ है और मरीज परिवार के सदस्य। अनिल चक्रवर्ती मधुबनी सदर अस्पताल में वर्ष 2009 से एपिडेमियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। वह महामारी के इस संकट काल में प्रतिदिन जिले में मास्क तथा किट की उपलब्धता, सैंपल कलेक्शन, अतिरिक्त टेकनीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य कर रहे हैं। विभिन्न प्रदेशों से प्रवासी मजदूरों को जिले में लाये जाने के दौरान इन्होंने लैब टैक्नीशियन के मॉनिटरिंग का कार्य 24 घंटे किया तथा स्टेशन पर प्रवासियों का स्क्रीनिंग कर क्वॉरेंटाइन सेंटर में भेजने का कार्य सुनिश्चित किया। साथ ही जो संक्रमित पाए गए उन्हें आइसोलेशन सेंटर में भेजने का कार्य भी किया। उनके द्वारा अब तक जिले से 05 हजार से अधिक कोरोना संदिग्धों के स्वाव का जांच के लिए पटना भेज चुके हैं।
5 महीने से परिवार से दूर रह कर पॉजिटिव आए मरीजों के कांटेक्ट रेसिंग करने का कर रहे कार्य:
अनिल बताते है कि वह 5 महीने से वह अपने परिवार से नहीं मिले हैं। जनवरी में जब कोरोना संक्रमण की बात सामने आई, तब से सब कुछ भूलकर कोरोना संक्रमित के बचाव कार्य में लगे हुए हैं। उन्होने बताया जो मरीज पॉजिटिव के पिछले 14 दिनों में संपर्क में आए लोगों का सेंपलिंग सुनिश्चित करवाना, प्रतिदिन डाटा विश्लेषण कर जिला पदाधिकारी एवं स्टेट को सुपुर्द करना, सैंपल का डिकोडिंग करना आदि कार्य करते हैं। पॉजिटिव आए मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध करवाना तथा उसे भर्ती करना, आइसोलेशन वार्ड में भी पॉजिटिव मरीजों का समय समय पर सैंपलिंग सुनिश्चित करवाना, सैंपल रिजल्ट नेगेटिव आने पर डिस्चार्ज करवाना, आदि एपिडेमियोलॉजिस्ट अनिल चक्रवर्ती की दिनचर्या है। घर की याद नहीं आती है पूछने पर चक्रवर्ती बताते हैं याद तो आती है पर हम ही छुट्टी पर चले जाएंगे तो फिर मरीज का क्या होगा पहले मरीज हमारी प्राथमिकता है उसके बाद घर।
5000 हजार से अधिक अब तक हुए हैं जांच
अनिल बताते हैं कि जिले में आईडीएसपी टीम के द्वारा अब तक 5145 लोगों की जांच की गई है जिसमें 4238 का रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसमें 383 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, 3788 मरीज नेगेटिव पाए गए तथा 907 मरीजों के रिजल्ट अभी तक पेंडिंग है यह सभी सैंपलिंग आईडीएसपी के द्वारा ही किया गया है।
एपिडेमियोलॉजिस्ट अनिल चक्रवर्ती एवं टीम को मिल रहा बेहतर सहयोग :
सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील कुमार झा ने कहा कि कोरोना से निपटने में जिला स्वास्थ्य विभाग को एपिडेमियोलॉजिस्ट अनिल चक्रवर्ती एवं उनके टीम का बेहतर सहयोग मिल रहा है. उनका कार्य सराहनीय है।विभिन्न राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग एवं टीम द्वारा संक्रमित को आइसोलेशन में भर्ती करवाना व फील्ड स्तर पर सैंपलिंग करवाने का कार्य किया जा रहा है. जिला स्वास्थ्य विभाग की सभी टीम तथा सहयोगी संस्था काफी सक्रिय हैं जिले की स्वास्थ टीम कोरोना को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।
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