एआईएसएफ का गौरवशाली इतिहास है:- सुशील कुमार
आजादी के आंदोलनों में एआईएसएफ का अहम योगदान है:-शरद कुमार

देश के प्रथम छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन ‘एआईएसएफ’ की स्थापना आजादी आन्दोलन के समय स्वतंत्रता मनीषियों के द्वारा 11-12 अगस्त 1936 को गंगाराम मेमोरियल हॉल में लखनऊ में किया गया था। एआईएसएफ की स्थापना आजादी के आंदोलन में छात्र नौजवानों की भूमिका सुनिश्चित करने हेतु की गई थी। एआईएसएफ की स्थापना समारोह की अध्यक्षता संयुक्त रूप से भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री मोहम्मद अली जिन्ना ने किया था। आजादी के आंदोलन में एआईएसएफ ने छात्र-नौजवानों को लामबंद कर भारत से अंग्रेजों को खदेड़ने में अपनी महती भूमिका अदा की। सन 1942 के आंदोलन का नेतृत्व भी एआईएसएफ ने किया था। आजादी के बाद लगातार छात्र-नौजवानों के हक-हकूक के लिए संगठन संघर्ष करते आ रही है। लगातार देश के अंदर शिक्षा रोजगार के सवाल पर सरकार को घेरने का काम संगठन ने बहुत मजबूती के साथ करते आ रही है। देश के अंदर कई बार तानाशाही सरकार को बदलने का भी काम संगठन ने बखूबी किया है। इंदिरा गांधी के आपातकाल का भी संगठन ने डटकर विरोध करते हुए देश के अंदर छात्र आंदोलन छेड़ दिया था। लगातार संगठन के द्वारा शिक्षा के बेहतरी के लिए काम करते आ रही है। देश और बिहार सहित दरभंगा में भी संगठन ने कई बड़े आंदोलन कर जीत हासिल की है। दरभंगा के अंदर बड़ी रेलवे लाइन, आकाशवाणी की स्थापना में संगठन ने अग्रिम भूमिका निभाई थी। वहीं मिथिला विश्वविद्यालय की स्थापना में भी संगठन ने बेहतर भूमिका अदा की। दरभंगा जिला के अंदर कई कॉलेजों और हॉस्टलों की स्थापना में संगठन की बड़ी भूमिका है। वह संगठन लगातार देश और प्रदेश के अंदर कई बड़े राजनेता देने का काम किया है। जब-जब देश पर कोई भी विपदा आई है संगठन ने देश के साथ खड़ा होकर उस विपदा से लड़ने का काम किया है। उक्त बातें आज एआईएसएफ दरभंगा जिला परिषद के द्वारा संगठन के 85 वीं स्थापना दिवस के उपलक्ष में आयोजित वेबीनार में संगठन के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार ने कही। वही बेविनार को संबोधित करते हुए संगठन के जिला सचिव शरद कुमार सिंह ने कहा कि आजादी के पूर्व और आजादी के बाद लगातार संगठन छात्र-नौजवानों के हक-हकूक के लिए संघर्षरत है। आज भी छात्र-नौजवानों के सवालों को लेकर संगठन लगातार आंदोलनरित है। वहीं बेविनार में नई शिक्षा नीति पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए छात्र-नेताओं ने एक सुर में कहा कि नई शिक्षा नीति छात्र, शिक्षक और शिक्षा विरोधी है। बेविनार की अध्यक्षता छात्र नेता अरशद सिद्धकी ने की। वहीं बेविनार को छात्र नेता मोहम्मद मोबीन, कंचन कुमार, सैफुद्दीन गौहर, अजीत कुमार, पूर्व छात्र नेता एडवोकेट मानव सिंह, शंकर यादव, रंजन यादव, प्रशांत कुमार झा, राजा कुमार, अजीत कुमार झा, जितेंद्र कुमार साहू, शिवम कुमार, अमन कुमार आदि ने संबोधित किया। वही संगठन के द्वारा लॉकडाउन का पालन करते हुए देशभर में संगठन की वीं स्थापना दिवस मनाई गई। बेविनार के अंत में दरभंगा जिला के सभी छात्र-नौजवानों को संगठन के राष्ट्रीय सचिव ने 85 वीं स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी।
शरद कुमार सिंह
जिला सचिव, AISF, दरभंगा
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