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मधुबनी पुलिस के भय से नहीं अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पहने मास्क

पुलिस के भय से नहीं अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पहने मास्क

•कोरोना

अजित कुमार सिंह

संक्रमण से बचें, लापरवाही बन सकती है मुसीबत
•घर से निकलने वक्त जरूर पहने मास्क
•एहतियात बरत संक्रमण से बचाएं परिवार को

मधुबनी/13 अगस्त
सूरतगंज वार्ड नंबर 15 के रहने वाले पेशे से शिक्षक आनंद कुमार आज कोरोना को लेकर बहुत सतर्क हैं. वह बताते हैं कोरोना संक्रमण से पहले वह प्रतिदिन शाम में नाश्ता बाजार में ही किया करता थे. परंतु जब से यह संक्रमण का दौर चला है उन्होंने बाहर खाने से परहेज कर दिया है. यह बदलाव तब और प्रभावी हो गया जब उनके घर के आस-पास भी कई कोरोना संक्रमित मरीज मिलने शुरू हुए. उन्होंने बताया शुरुआती दौर में संक्रमण से उन्हें थोड़ा डर लगा था, जिसके बाद हमने मास्क पहनना शुरू किया. परंतु जैसे-जैसे समय बीतने लगा मास्क पहनना छोड़ दिया था. परंतु जब घर के आस-पास कोरोना संक्रमित मरीज निकलने लगे तो भय होने लगा. अब वह जब भी बाजार के लिए निकलते हैं तो मास्क पहन कर ही निकलते हैं. साथ ही एक सैनिटाइजर की बोतल हाथ में ररखते हैं एवं बाहर नियमित अंतराल पर हाथों को सैनिटाइज भी करते रहते हैं.

परिवार तथा मोहल्ले के लोगों को करते हैं प्रेरित

आनंद कहते हैं उनका घर सब्जी मंडी से बिल्कुल सटा हुआ है. यहां बहुत से सब्जी विक्रेता शहर से सटे अलग-अलग गांव से आकर सब्जी बेचते हैं. वह जब भी सब्जी खरीदने जाते हैं तो सब्जी बेचने वाले को मास्क पहनने की अपील भी करते हैं। वह कहते हैं, वह जब भी बाहर निकलते हैं तो खुद भी मास्क का प्रयोग करते हैं एवं अपने परिवार के लोगों को भी बिना मास्क पहने बाहर जाने नहीं देते. इतना ही नहीं आनंद आसपास के लोगों को भी मास्क पहनने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्य क्षेत्र में मजदूरों को मास्क पहनने पर करते हैं प्रेरित:

मनरेगा में पंचायत रोजगार सेवक के पद पर कार्य करने वाले कुमार राजन बताते हैं वह प्रतिदिन मधुबनी से बेनीपट्टी जाते हैं. उनका दिन भर का कार्य मजदूरों के साथ ही होता है. वह अपने कार्य क्षेत्र में मजदूरों को मास्क पहने के लिए प्रेरित करते हैं. साथ ही जब भी फील्ड से वह अपने प्रखंड कार्यालय में आते हैं तो अपने हाथों को सैनिटाइज करना नहीं भूलते हैं. उन्होंने बताया उनके लिए उनका परिवार काफी अहमियत रखता है. इसलिए वह अपने परिवार को संक्रमण से बचाने के लिए खुद अधिक सतर्कता बरते हैं ताकि गलती से उनके माध्यम से परिवार के लोग संक्रमित न हो जायें. इसलिए वह जब भी प्रखंड कार्यालय से घर पहुँचते हैं तो अपने कपड़े को बाहर में ही खोलते हैं तथा स्नान करने के बाद ही अपने कमरे में जाते हैं.

लोगों में आई है जागरूकता:

सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने कहा है कोरोना संक्रमण के साथ ही अब हमें जीना है यह जल्दी खत्म होने वाला वायरस नहीं है तो हमें सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना चाहिए. मास्क का इस्तेमाल पुलिस या प्रशासन के डर से नहीं करें बल्कि ख़ुद को संक्रमण से बचाने के लिए करें. यद्यपि, कोरोना संक्रमण को हराने के लिए लोगों में जागरूकता आई है. लोग अपने खानपान में बदलाव कर रहे हैं। चौक चौराहों पर खुले में बिक रहे समोसा एवं लिटी खाने से परहेज कर रहे हैं।

मास्क संबंधी गाइडलाइंस:

•जहां संक्रमण ज़्यादा है, वहां लोगों को हर हाल में मास्क पहनना चाहिए.

•भीड़भाड़ वाली जगहों में भी मास्क पहनना बेहद ज़रूरी है.

•सभी स्वस्थ लोगों को तीन परतों वाला फैब्रिक मास्क पहनना चाहिए. जो लोग बीमार हैं, वो मेडिकल ग्रेड का मास्क पहने.

•जिन जगहों पर संक्रमण का स्तर बहुत ज़्यादा है, वहां सभी लोगों को मेडिकल-ग्रेड का मास्क इस्तेमाल करना चाहिए.

•अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही मरीजों और वहां मौजूद सभी लोगों को मेडिकल- ग्रेड का मास्क पहनना चाहिए.

कैसे पहनें और इस्तेमाल करें मास्क:

•मास्क पहनने से पहले अपने हाथों को ज़रूर साफ़ कर लें. एल्कोहॉल बेस्ड सेनेटाइज़र या सोप से हाथों को अच्छी तरह साफ़ करें.

•मास्क ऐसे पहने की मुंह और नाक पूरी तरह ढकें और कोशिश करें कि आपके मास्क और मुंह के बीच कोई गैप ना रहे.

•मास्क पहनते समय मास्क को ना छुएं. मास्क की बेल्ट से ही उसे पहनें.

•मास्क को जितनी जल्दी-जल्दी हो सके बदलते रहें और कोशिश करें कि सिंगल-यूज़ मास्क को री-यूज़ करने से बचें.

•जब आप मास्क उतार रहे हों तो उसे पीछे की ओर से उतारें. सामने की तरफ़ से उसे हाथ ना लगाएं. मास्क को उतारने के तुरंत बाद उसे डिस्कार्ड कर दें.

•इस्तेमाल किये गए मास्क को ढक्कन वाले कूड़ेदान में ही डालें

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