जिले में कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में 60 दिन चलने वाला अभियान हुआ संपन्न लक्ष्य के सापेक्ष हुआ छिड़काव
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2020 में 17 कालाजार मरीज किए गए चिन्हित
– जिले को कालाजार उन्मूलन के लिए भारत सरकार का मानक प्राप्त
– कालाजार मरीजों की संख्या शून्य करने के लिए प्रयास जारी
मधुबनी /18 अगस्त
जिले में कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में 25 अप्रैल से छिड़काव किया जा रहा था जो अगले 60 दिनों के लिए 20 जुलाई तक चलाया गया। जिले के 21 प्रखंड के 106 ग्राम में 1,39,731 घरों में 701524 लोगों के बीच छिड़काव किया गया। छिड़काव के लिए सिंथेटिक पाइरेथोराइड का प्रयोग किया गया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एस. पी. सिंह ने बताया शत-प्रतिशत घरों में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हुए छिड़काव किया गया।
लक्ष्य के सापेक्ष हुआ छिड़काव:
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार नीरज कुमार सिंह ने बताया जिले के 21 प्रखंड में छिड़काव किया गया जिसमें 99 सब सेंटर में,106 ग्राम/ वार्ड में, 1,33,691 घरों में, 3,37,770 कमरों में,1,98,067 वरांडा पर तथा 63,574 कैटल शेड में छिड़काव किया गया। छिड़काव के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मास्क के साथ दल द्वारा दीवार के छह फीट की उचाईं तक छिड़काव किया गया। छिड़काव करने के एक घंटे के बाद ही घर में लोगों का प्रवेश करने की सलाह दी गई। छिड़काव कर्मी को मास्क, गलब्स, साबुन, सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया था। लोगों को सलाह दी गई कि छिड़काव के बाद 3 महीने तक दीवार की लिपाई पुताई नही करनी है। इससे दवा का असर समाप्त हो जाता है।
कालाजार उन्मूलन के लिए भारत सरकार का मानक प्राप्त :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार नीरज कुमार सिंह ने बताया कि जिले में लगातार छिड़काव के कारण कालाजार उन्मूलन के लिए भारत सरकार का जो मानक है उसे प्राप्त किया जा चुका है,मरीजों की संख्या शून्य करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिले में वर्ष 2009 में 730 मरीज, 2010 में 630, वर्ष 2011 में 538, वर्ष 2012 में 415, वर्ष 2013 में 321, वर्ष 2014 में 256, वर्ष 2015 में 187, मरीज 2016 में 108, मरीज, 2017 में 85 मरीज, 2018 में 50, 2019 में 31,और 2020 में 31 जुलाई तक 17 मरीज कालाजार के मिले हैं।
सरकार द्वारा मिलती है आर्थिक मदद :
कालाजार मरीज को सरकार द्वारा 7100 रुपये की आर्थिक मदद भी दिया जाता है। जिसमें राज्य सरकार का हिस्सा 6600 और केंद्र का हिस्सा 500 रुपये होता है।
कालाजार के लक्षण
15 दिनों से ज्यादा बुखार होना, किसी भी दवा से बुखार ठीक ना होना, खून की कमी का हो जाना, सप्लीन और लीवर का बढ़ना, शरीर का काला पड़ना, शरीर में लगातार वजन में कमी होना, इसके मुख्य लक्षणों में से एक है.
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