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मधुबनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है तो निराश ना हो यू करें आवेदन – अजित कुमार सिंह की रिपोर्ट

सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है तो निराश ना हो यू करें आवेदन

– सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के द्वारा मुख्य रूप से 6 प्रकार के पेंशन योजना संचालित हैं।

– आरटीपीएस के माध्यम से किया जाता है आवेदन

मधुबनी/21 अगस्त:

वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने को लेकर समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धावस्था पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना का लाभ उन सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बाशिंदों को दिया जाता है. वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 2 तरह के पेंशन योजना संचालित है। एक मुख्यमंत्री वृद्ध जन पेंशन योजना जो मुख्यमंत्री की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है. इस योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति लाभ ले सकते हैं. इसमें आय का कोई बंधन नहीं है। जिले में अब तक 1.90 लाख वृद्ध जनों ने पेंशन के लिए आवेदन किए हैं, जिसमें से कुल 96996 वृद्धजनों को राज्य स्तर से पेंशन की स्वीकृति प्रदान कर 400 रूपये प्रति माह की दर से डीवीटी के माध्यम पेंशन की राशि पेंशन धारी के सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की जा रही है। वृद्धों के लिए दूसरी पेंशन योजना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना है, जो पूर्व से ही संचालित है. इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का नाम बीपीएल सूची में होना अनिवार्य है तथा इसकी स्वीकृति पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा की जाती है. इस योजना के तहत जिले में 2.90 लाख वृद्धों को पेंशन की राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में की जा रही है.

विधवाओं के लिए दो तरह के पेंशन योजनाएं संचालित हैं

विधवाओं के लिए दो तरह के पेंशन योजनाएं संचालित हैं. पहला इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना है जिसका लाभ प्राप्त करने के लिए लाभुका का नाम बीपीएल सूची में होना अनिवार्य है तथा इसकी स्वीकृति पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा होती है. अनुमंडल पदाधिकारी से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन स्वीकृत होने के उपरांत डीबीटी के माध्यम से लागू के बैंक खाते में 400 रूपये प्रति माह की दर से से सीधे हस्तांतरित की जाती है.

दूसरी योजना है लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना इस योजना के स्वीकृति पदाधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी हैं तथा इस योजना को प्राप्त करने के लिए शहरी एवं ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्र के लाभुकों के लिए प्रति वर्ष 60000 रूपये आय का प्रमाण पत्र एवं मृत्यु प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है. इस योजना के तहत जिले में अब तक 12,458 महिलाओं को डीबीटी के माध्यम से 400 रूपये प्रति माह की दर से पेंशन की राशि सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की जा रही है साथ ही दिव्यांगों के लिए भी दो तरह के पेंशन योजना संचालित हैं. एक पेंशन योजना है इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना। इस योजना के तहत लाभुकों का विकलांगता प्रमाण पत्र 80% होनी चाहिए. साथ ही बीपीएल एवं 18 वर्ष से अधिक उम्र होनी चाहिए। इस पेंशन योजना के तहत जिले में अब तक 10,424 दिव्यांगों को पेंशन की राशि का भुगतान की जा रही है। दूसरी पेंशन योजना है, बिहार राज्य दिव्यांगता पेंशन योजना. इस पेंशन योजना के तहत दिव्यांगता 40% या उससे अधिक होनी चाहिए. इसमें आय एवं उम्र की कोई बंधन नहीं है. जिले में अब तक 24,550 दिव्यांगों को प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा पेंशन की स्वीकृति प्रदान कर डीबीटी के माध्यम से 400 रूपये प्रति माह की दर से पेंशन की राशि का भुगतान बैंक खाते में की जा रही है

आरटीपीएस के माध्यम से लिया जाता है आवेदन:

मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना को छोड़कर अन्य सभी 5 योजनाओं का आवेदन पत्र अंचल कार्यालय में संचालित कर आरटीपीएस के माध्यम से आवेदन प्राप्त किया जाता है तथा पेंशन स्वीकृति हेतु प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा अग्रेतर कार्रवाई की जाती है. निदेशक सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के द्वारा वर्तमान में सभी तरह की पेंशन योजनाओं कि स्वीकृति एसएसपीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से 25 नवंबर 2017 से ऑनलाइन स्वीकृति प्रदान की जाती है. स्वीकृति होने के उपरांत डीबीटी के माध्यम से 400 रूपये प्रति माह की दर से लाभुक के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशन धारियों को 500 रूपये प्रति माह की दर से पेंशन की राशि का भुगतान डी.बी.टी के माध्यम से की जा रही है.

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