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दरभंगा कल होगा मिथिला स्टूडेंट यूनियन का एक दिन 100 पंचायत कार्यक्रम का आयोजन–   अजित कुमार सिंह की रिपोर्ट

कल होगा मिथिला स्टूडेंट यूनियन का एक दिन 100 पंचायत कार्यक्रम का आयोजन–

मिथिला स्टूडेंट यूनियन के द्वारा एक दिन 100 पंचयात कार्यक्रम के तहत कल 23 अगस्त को 100 पंचयात में टीम निर्माण कर संगठन को मजबूती प्रदान किया जाएगा इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मिथिलावाद के विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाना और सत्ता पक्ष को अपनी मांग के प्रति सजग करना हैं नवटोलिया स्तिथ एमएसयू कार्यालय से एमएसयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश भारद्वाज ने कहा हैं हमारे पिछले 5 सालो के संघर्ष का नतीजा अब तक शून्य ही रहा हैं इसका कारण राज्य और केंद्र में बैठी मिथिला विरोधी सरकार हैं लगभग 7 करोड़ आवादी मुलभुत सुविधा शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे पर पुरे देश में सबसे पिछड़ा छेत्र बन कर रह गया हैं प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च स्तरीय शिक्षा तक की स्तिथि देयनीय बना हुआ हैं गाँव का कोई प्राथमिक स्कूल हो या शहर का कोई बड़ा कॉलेज सभी जगह डिग्री बांटने का काम चल रहा हैं आज यहाँ के छात्र अच्छी शिक्षा के लिए दूसरे राज्य पर निर्भर हो गया हैं छात्र पलायन कर रहे हैं मजदूर रोजी रोटी के लिए पलायन कर रहा हैं और जो बच गए वो भी अच्छी नौकरी के लिए दूसरे राज्य और देश में पलायन कर रहे है यह क्षेत्र आज वृद्धा आश्रम बन कर रह गया हैं गांव के नौजवान अच्छी नौकरी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के लिए आज दूसरे राज्य के तरफ अपना मुंह मोड़ लिया हैं मिथिला क्षेत्र आज देश का सबसे पिछड़ा क्षेत्र हैं ऐसा पहले नहीं था आजादी से पूर्व मिथिला क्षेत्र एक समृद्ध और संपन्न क्षेत्र था यहां उद्योग धंधा था शिक्षा था स्वास्थ्य था रोजगार था शायद मिथिला क्षेत्र अपने आजादी से अच्छा अपने गुलामी में था अंग्रेजी शासन में यहाँ चीनी मिल जुट मिल सूत मिल पेपर मिल खाद मिल जैसे बड़े उद्योग थे दूसरे राज्य के लोग रोजी रोटी के लिए मिथिला क्षेत्र में आते थे रेल सुविधा के साथ साथ हवाई सुविधा भी यहाँ उपलब्ध था लेकिन आजादी के 73 वर्ष बाद आज यहाँ सब कुछ बदल गया एक साजिश के तहत सारे उद्योग धंधा बंद कर दिया गया और मिथिला क्षेत्र को लेबर जोन बना कर छोड़ दिया गया आज मिथिला क्षेत्र देश का सस्ता मजदूर का फैक्ट्री बनकर रह गया हैं इसका कारण मगध में बैठा मिथिला विरोधी सरकार है जो पिछले 30-40 वर्षों से मिथिला क्षेत्र को सिर्फ और सिर्फ लूटने का काम किया हैं उद्योग धंधा चालू करवाने के बजाय इसके स्क्रैप और जमीन तक को बेचा जा रहा हैं लेकिन हम आम मैथिल को आश्वस्त करना चाहते हैं की पुराने मिल का जमीन तो क्या कोई अब एक स्क्रैप तक नहीं ले जा सकता हैं आज गांव गांव में युवाओं की टीम हमारे साथ हैं जहाँ नहीं हैं वहां मजबूती से टीम निर्माण किया जा रहा हैं इस बाबत एमएसयू के राष्ट्रीय महासचिव गोपाल चौधरी ने कहा हैं लगभग 4 करोड़ आबादी एक डीएमसीएच पर निर्भर रहता है और डीएमसीएच की कैसी व्यवस्था है इससे हम सभी लोग वाकिफ है गरीब लोगों को मरने के लिए पटना के रास्ते में छोड़ दिया जाता है आज गांव के पीएचसी की बात कर ले या दरभंगा शहर के डीएमसीएच की आपको एक पेरासिटामोल टेबलेट तक यहाँ उपलब्ध नहीं होता हैं यहां शिक्षा और स्वास्थ्य को धंधा बना कर छोड़ दिया गया हैं आज डीएमसीएच के सामने हजारों बड़े-बड़े निजी हॉस्पिटल के बिल्डिंग लोगों को शोषण करने का काम कर रहा है जिसका श्रेय यहां की सरकारों को जाता है जो बातें तो बड़ी बड़ी करते हैं लेकिन सारी बातें जमीन से कोसों दूर होता है राज्य की सरकार हो या केंद्र की सरकार एनडीए की सरकार हो या यूपीए की सरकार नीतीश की सरकार हो या लालू की सरकार यहां सिर्फ एक ही काम किया जाता हैं वो हैं यहाँ के जनता को मुर्ख बनाना प्रत्येक साल मिथिला क्षेत्र मैं बाढ़ की त्रासदी लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करता आया हैं लेकिन यह बाढ़ यहाँ की सरकार के लिए अवसर बनकर आता हैं बाढ़ यहां की सरकारों को पेट भरने का काम करता है प्रत्येक साल करोड़ों रुपया बाढ़ के नाम पर खर्च किया जाता है और इसी पैसा को बाढ़ के नाम पर खर्च ना कर सरकार अपने ऊपर से लेकर निचे तक के पदाधिकारी का जेब भरने का काम करता हैं जिससे चुनाव जीता जाता हैं एक मुखिया चाह कर भी इस बाढ़ की त्रासदी को खत्म नहीं कर सकता हैं इसके लिए हजारो मुखिया को एक होना होगा लाखों लोगों को एक होना होगा सेकड़ो विधायक सांसद को एक होना होगा तभी इस बाढ़ जैसी समस्या का कोई निदान हो सकता हैं तभी अच्छी शिक्षा और स्वास्थ् की कल्पना की जा सकती हैं जो बिना टीम निर्माण और विचारधारा के सम्भव नहीं हैं इस बाबत एमएसयू के विश्वविद्यालय प्रभारी अमन सक्सेना ने कहा कल रविवार को एक दिन 100 पंचायत कार्यक्रम के तहत मिथिलावाद विचारधारा को जन-जन तक पंहुचाने का कार्य संगठन के द्वारा किया जा रहा हैं नवटोलिया स्तिथ मिथिला स्टूडेंट यूनियन कार्यालय पर इस बाबत बैठक भी आयोजन किया गया एक पदाधिकारी को 5 पंचायत का दौरा करने का निर्देश दिया गया हैं एक दिन में 100 पंचयात में टीम निर्माण कर आने वाले दिनों में कार्यक्रम को एक दिन में 200 और 500 पंचायत में टीम निर्माण करने की योजना तैयार किया गया हैं इस आयोजन का उदेश्य मिथिला क्षेत्र में फैली गरीबी भुखमरी कुपोषण अशिक्षा पलायन को ख़त्म करना हैं और राज्य सरकार व केंद्र सरकार को सचेत करना हैं की मिथिला के 20 जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड का गठन यहाँ होना अत्यंत आवश्यक है पिछले 4 वर्षों से मिथिला स्टूडेंट यूनियन मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की मांग को लेकर विभिन्न तरीकों से संघर्ष करता आया है दरभंगा राज से लेकर दिल्ली के सांसद भवन तक हजारों नौजवानों ने बोर्ड की गठन के लिए संघर्ष किया हैं लाठि डंडा मिला जेल मिला लेकिन बोर्ड नहीं मिला संघर्ष का कोई नतीजा अब तक हमलोगो को देखने को नहीं मिला एमएसयू के विद्याभूषण राय ने कहा है पंचायतों में एक मजबूत टीम का निर्माण किया जा रहा है आने वाले दिनों में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन की शुरुआत की जाएगी मिथिला स्टूडेंट यूनियन के बहुप्रतीक्षित मांग मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड का गठन होना ही हमारा उद्देश्य है जब तक हमारा मांग पूरा नहीं हो जाता हम लोग शांत बैठने वाले नहीं इसके लिए संघर्ष को और तेज किया जाएगा जन जन तक मिथिलावाद के नारा को बुलंद किया जाएगा एक मजबूत टीम बनाकर राज्य की सरकार और केंद्र की सरकार को चुनौती दिया जाएगा जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी हम लड़ते रहेंगे एमएसयू दरभंगा जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार झा ने कहा हैं दरभंगा मधुबनी समस्तीपुर बेगूसराय सहरसा जैसे जिलों को मिलाकर 100 पंचायत का टारगेट रखा गया हैं जहाँ युवाओं की टोली एक नयी मजबूत टीम के साथ अपने गांव कस्बो के विकाश के लिए संघर्ष करेगा अपने नेताओं से अपने स्कूल के समस्या को लेकर सड़क की समस्या को लेकर पीएचसी की समस्या को लेकर सवाल पूछेगा और संघर्ष करेगा विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमित कुमार ठाकुर ने भी अपनी बात रखी हैं – अमन सक्सेना  विश्वविद्यालय प्रभारी
मिथिला स्टूडेंट यूनियन

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