ग्राहक ही नहीं दुकानदार भी बरत रहे सावधानी,
– लोगों में मास्क एवं शारीरिक दूरी के प्रति आई जागरूकता
– शहर
के साइबर कैफे संचालन करने वाले जय सुभाष बिना मास्क के दुकान में नहीं करने दे रहे प्रवेश
– बुजुर्ग और बच्चे भी हो रहे सजग
मधुबनी/22अगस्त
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। इस दौर में भी अधिकांश लोग सरकार के निर्देशों का पालन कर कोरोना संक्रमण से बचे हुए हैं। इसमें गांव या शहर सभी लोगों में जागरूकता आई है। इसका परिणाम है कि लोग अपने दिनचर्या में बदलाव लाकर कोरोना को मात दे रहे हैं। दुकानदार हो या ग्राहक, सरकारी नौकरी वाले ,निजी कर्मी या जनप्रतिनिधि सभी अपने स्तर पर कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में अपनी भागीदारी अदा कर रहे हैं। लोगों द्वारा स्वयं के साथ दूसरों को समझाना और नियमों का पालन कराना जैसे अब रोजमर्रा का काम हो गया है। लोग बाजार में निकलने और कार्य के दौरान सजगता बरत रहे हैं। लोगों में शारीरिक दूरी के साथ मास्क के उपयोग के प्रति जागरूकता में बढ़ोतरी हुई है। लोगों की सोच बदली है और वह समझ चुके हैं कि सभी के समग्र प्रयास से ही उनका समाज सुरक्षित रहेगा।
दुकानदार भी अपनी जिम्मेदारी समझ लोगों को कर रहे जागरूक:
शहर के मिलन टॉकीज स्थित साइबर कैफे चलाने वाले जय सुभाष बताते हैं कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोगों ने हमेशा मास्क लगाना शुरू कर दिया है। घर से बाहर जाने और घर के अंदर आने पर लोग हैंड सैनेटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं। संक्रमण से बचाव लेकर वह भी नियमित तौर पर मास्क एवं दस्ताने का प्रयोग करते है। कोरोना संकट में मास्क, सैनेटाइजर और दस्तानों को लोगों ने अपनी जरूरत के मुताबिक अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है।सुभाष बताते हैं, वह अपने दुकान में बिना मास्क ग्राहकों को प्रवेश नहीं करने देते हैं। इन्होंने अपने दुकान के बाहर ही एक रस्सी लगाकर बैनर लगा रखा है कि बिना मास्क प्रवेश ना करें। दुकान पर जब ग्राहक आते हैं और छुट्टे पैसे देने होते हैं तो छुट्टे पैसे के बदले मास्क देने की भी व्यवस्था उन्होंने बनाई है। साथ ही ग्राहकों को बाजार से घर वापस जाने पर हैंड सेनीटाइज करने की सलाह देते रहते हैं। सुभाष बताते हैं कि पहले वह भी अपने दुकान पर बिना मास्क के ही दुकान का संचालन करते था परंतु जिस तरह से कोरोना मरीजों की संख्या में इज़ाफ़ा को देखते हुए वह सतर्क हो चुके है। संक्रमण काल में रोजगार जरूरी है। लेकिन संक्रमण को देखते हुए सावधानी भी बरतना उतना ही आवश्यक है।
सब्जी बेचने वाले भी निभा रहे अपनी जिम्मेदारी:
गिलेशन सब्जी मंडी के निकट सब्जी बेचने वाली लीला देवी बताती है वह प्रतिदिन अपने गांव से सब्जी लेकर बाजार में बेचने आती है। यहां अनेक तरह के लोग आते हैं संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसीलिए वह मास्क हमेशा लगाए रखती हैं ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके। वह कहती हैं कि वह अपने साथ गांव से आने वाली अन्य सब्जी बेचने वाले को भी मास्क इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करती हैं।
बुजुर्ग और बच्चे भी हो रहे सजग:
जे.पी कॉलोनी निवासी मुनीश्वर झा बताते हैं जब कोरोना के शुरुआती दौड़ था वायरस के प्रति लोग इतने गंभीर नहीं थे।जैसे-जैसे कोरोना का केस बढ़ता गया तथा आस-पास में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने लगे तो लोग भी जागरूक होने लगे। कोरोना का अब तक कोई सार्थक वैक्सीन नहीं बनाया जा सका है। ऐसे में यह जरूरी है कि लोग संक्रमण से बचाव के लिए मास्क एवं शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन करें। संक्रमण का डर समुदाय में किसी विशेष वर्ग के लोगों को ही नहीं है,बल्कि इससे कोई भी संक्रमित हो सकता है। इस लिहाज से लोगों की आपसी एकजुटता जरूरी है।
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