‘मेंटरिंग दि नेक्स्ट जेनरेशन ऑफ स्टूडेंट्स एंड रिसर्चर्स’ विषय पर वेब व्याख्यान आयोजित
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सीएम
साइंस कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा ऑनलाइन वेब लेक्चर सीरीज “अंडरस्टैंडिंग साइंस एंड सोसाइटी” के तहत आयोजित वेब व्याख्यान में सैम हाॅस्टन स्टेट यूनिवर्सिटी, टेक्सास के प्राध्यापक प्रो मधुसूदन चौधरी ने दिया व्याख्यान
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प्रभावी मेंटरिंग से फैकल्टी मेंबर और स्टूडेंट दोनों को विषय आधारित ज्ञान के सृजन और इसके विस्तार में सहायता मिलती है। एक मेंटर के रूप में दी गई अच्छी सलाह अगली पीढ़ी के शोधकर्ताओं और विद्वानों के साथ गहराई से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। क्योंकि यह अनुसंधान गतिविधि, सम्मेलन प्रस्तुतियों, प्रकाशन और शैक्षणिक कौशल में छात्रों की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। एक अच्छे मेंटर छात्रों के तनाव के स्तर को कम करते हुए उनमें आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
उक्त बातें रविवार को सीएम साइंस कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा ऑनलाइन वेब लेक्चर सीरीज “अंडरस्टैंडिंग साइंस एंड सोसाइटी” के अंतर्गत ‘मेंटरिंग दि नेक्स्ट जेनरेशन ऑफ स्टूडेंट्स एंड रिसर्चर्स’ विषय पर आयोजित वेब व्याख्यान में अपने विचार रखते हुए सैम हौस्टन स्टेट यूनिवर्सिटी, टेक्सास के प्राध्यापक प्रो मधुसूदन चौधरी ने कही।
अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि एक मेंटर के रूप में संकाय सदस्य की प्रतिष्ठा उनके छात्रों के काम पर अधिक टिकी होती है क्योंकि संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्ट छात्रों को भेजने से उसके पेशेवर कद में वृद्धि होती है।
उन्होंने कहा कि मेंटर के रूप में प्रभावी सलाह देने से अनुशासन में उन्नति होती है क्योंकि इससे भविष्य में अच्छी तरह से अनुसंधान, छात्रवृत्ति और शिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ प्रेम कुमार प्रसाद ने कहा कि बदलते समय के साथ आज की युवा पीढ़ी के जीवन जीने के सलीके में बहुत बदलाव आ गया है। आज हर युवा अपना जीवन अपने अंदाज में जीना चाहता है। इसमें किसी का भी हस्तक्षेप उसे बिल्कुल पसंद नहीं है। इस जीवन जीने की कला में वह अपनी जिम्मेदारियों से बचने का भी प्रयास कर रहा है। जिसका प्रतिकूल प्रभाव परिवार और समाज पर पड़ रहा है। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों का मार्गदर्शन उसके जीवन जीने की शैली को बहुत हद तक प्रभावित कर सकता है। हमें उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने से परहेज करते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों को लेकर जागरूक करना होगा। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो युवा पीढ़ी अपने जीवन और उनके दायित्वों के बारे में जिम्मेदार नहीं हो पाएंगे। व्याख्यान के दौरान कॉलेज फॉर हेल्थ साइन्स, ह्यूस्टन (यूएसए) के प्राध्यापक डॉ चंदेश्वर शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा किए।
इस वेब व्याख्यान में भागीदारी के लिए कुल 180 प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया, जबकि 105 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज की। इनमें विभिन्न महाविद्यालयों व स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षक एवं छात्र सम्मिलित हुए।
जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ अरविंद कुमार के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन जंतु विज्ञान विभाग के शिक्षक नरेंद्र कुमार लाल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ आरती कुमारी ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ सुषमा रानी, डॉ पूजा अग्रहरि, डॉ कुमार मनीष, बर्सर डॉ अशोक कुमार झा, वनस्पति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ सुनीला दास, वरीय शिक्षक डॉ दिलीप कुमार झा सहित तकनीकी सहायक के रूप में आईक्यूएसी सहायक प्रवीण कुमार झा एवं स्थापना सहायक चेतकर झा की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
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