एंटीजन किट, आरटी-पीसीआर और ट्रूनेट से कोविड-19 जांच के लिए लक्ष्य निर्धारित
• प्रत्येक
प्रखंड 250 रैपिड एंटीजन किट, आरटी-पीसीआर से 14 तथा ट्रूनेट मशीन से 10 मरीज की जांच करने को सिविल सर्जन ने दिया निर्देश
•10 दिनों के जांच उपलब्धि में सदर झंझारपुर रहा अव्वल
•कोविड-19 मरीजों की जांच के लिए करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
मधुबनी, 02 सितंबर: कोविड 19 की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग को नई ज़िम्मेदारियां दी गयी हैं. मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संक्रमण जांच में तेजी लाने के लिए सिविल सर्जन ने प्रत्येक प्रखंड अस्पताल अधीक्षक, उपाधीक्षक एवं प्रभारी को पत्र लिखकर निर्देश दिया है जिसमें बताया गया है कि जिले में प्रतिदिन 250 रैपिड एंटीजन किट से, आरटी-पीसीआर से 14 तथा ट्रूनेट मशीन से 10 मरीज की जांच करना है। साथ ही इसमें कोताही बरतने वाले पदाधिकारी एवं पदाधिकारियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सिविल सर्जन ने पत्र के माध्यम से निर्देश दिया कि 6 दिनों में जांच में तेजी लाएं। साथ ही किसी प्रकार सहयोग की आवश्यकता होने पर जिला से संपर्क करेंगे एवं जांच के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि से भी सहयोग प्राप्त करें।
पिछले 10 दिनों की उपलब्धि:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया 22 अगस्त से 31 अगस्त तक जिले के सभी प्रखंड में कोरोना उपचारधीन मरीजों की जांच की गई, जिसमें प्रत्येक पीएचसी को 2500 कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। इसमें सदर झंझारपुर ने लक्ष्य से अधिक 125% की उपलब्धि प्राप्त की।
कोविड- 19 जांच के लिए कर सकते हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन:
कोविड- 19 जांच के लिए संजीवन मोबाईल ऐप लॉन्च किया गया है. इस ऐप में एक फीचर दिया गया है, जिसके माध्यम से ऑनलाइन रजिस्टर कर कोविड- 19 जांच के लिए फॉर्म भरा जा सकता हैं. कोविड-19 जांच के लिए ऑनलाइन व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, उम्र, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी एवं घर का पता तथा लक्षण बताना होगा. इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि क्या वो कंटेनमेंट जोन में रहते हैं तथा क्या कोविड 19 से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं. रजिस्टर करने के बाद मोबाईल नंबर पर एक केस आईडी के माध्यम से कोविड- 19 जाँच कराया जा सकता है.
30 मिनट के भीतर आ रहे नतीजे:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया एंटीजेन टेस्ट में 30 मिनट के अंदर रिजल्ट मिल रहा है वहीं आरटी-पीसीआर में रिजल्ट आने में 6 से 24 घंटे लग जाते हैं. तब तक तो संक्रमित व्यक्ति को पता नहीं होता कि वो पॉजिटिव है और वो कई लोगों को वायरस फैला चुका होता है। रैपिड एंटीजन में आधे घंटे के अंदर ही रिपोर्ट सामने आ जाती है, ऐसे में संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेट किया जा सकता है अथवा अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है।
सभी पीएचसी स्तर पर हो रही है कोविड- 19 की जांच:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया जिले में कोरोना संक्रमितों के बढ़ती संख्या के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में मरीजों के चिकित्सा को लेकर प्रयासरत है सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि कोरोना के उपचाराधीन को तत्काल चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध हो सके स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोरोना की जांच के लिए जिले के सभी पीएचसी पर रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से टेस्टिंग कराई जा रही है.
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