पोषण माह के तहत हाथ धुलाई कार्यक्रम का आयोजन
किशोरियों एवं माताओं को किया पोषण पर जागरूक
मधुबनी
/ 10 सितम्बर
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिले में प्रतिदिन गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के सभी प्रखंडो के आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाथ धुलायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर किशोरियों एवं माताओं को पोषण पर जागरूक भी किया गया। हाथ धुलायी कार्यक्रम के तहत बच्चों एवं माताओं को हाथ साफ करने की 10 विधियों का प्रदर्शन कर उन्हें जानकारी दी गयी। बच्चों एवं महिलाओं को पोषण पर संदेश भी दिया।
डीपीओ रश्मि वर्मा ने बताया राष्ट्रीय पोषण माह को सफल बनाने के लिए आम जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। इसी क्रम में ही हाथ धुलायी कार्यक्रम जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया है। साथ ही इस दौरान किशोरी एवं माताओं को पोषण पर जागरूक करने के लिए किशोरियों एवं माताओं की आंगनबाड़ी सेविका द्वारा घर-घर जाकर गर्भावस्था में बेहतर पोषण, 4 प्रसव पूर्व जांच, एनीमिया की रोकथाम के लिए किशोरी एवं गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन की गोली जैसे विषयों पर जानकारी दी गयी है। साथ ही कोविड 19 संक्रमण से बचावकी भी जानकारी दी गयी।
बीमारी से बचा सकती है सफाई :
सफाई ही बीमारी से लड़ने का पहला हथियार होता है। बीमारियों के संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका सफाई का पहला चरण खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोना होता है। इसी उद्देश्य को लेकर हाथ धुलाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस अवसर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाथ धोने के सही तरीकों के बारे में बताया गया। साथ ही इससे होने वाले फायदों की जानकारी भी दी गई।
सामुदायिक गतिविधियों से पोषण पर जागरूकता :
पोषण माह के तहत सामुदायिक स्तर पर आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों का विशेष आयोजन किया किया जा रहा है। जिसमें अन्नप्राशन दिवस, गोदभराई एवं प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा दिवस के आयोजन मुख्य रूप से शामिल है।
पोषण के पाँच सूत्रों पर बल:
पोषण अभियान के जिला समन्वयक स्मित प्रतीक सिन्हा ने बताया पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य पोषण अभियान को जन-आंदोलन बनाना है ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग पोषण की जरूरत को समझ सके। पोषण अभियान के तहत ही सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में बनाया जा रहा है। इस पोषण माह में आम लोगों को पोषण पर जागरूक करने के लिए सामुदायिक स्तर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों पर ज़ोर दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषण त्योहार से व्यवहार परिवर्तन के लिए पोषण के पाँच सूत्र दिये गए हैं। जिसमें पहले सुनहरे 1000 दिन, पौष्टिक आहार, अनीमिया प्रबंधन, डायरिया रोकथाम एवं स्वच्छता को शामिल किया गया है।
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