जिले में पोषण माह में हुई 78 लाख 67 हजार से अधिक लोगों की जन-भागीदारी, गतिविधियों में जिला को मिला 5वां स्थान
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गतिविधियों का आयोजन
• अभियान के दौरान एक 107 कुपोषित बच्चों को किया गया चिन्हित
• जिले में 77 नए मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र खोलने की योजना
• 1 से 30 सितंबर तक जिले में चलाया गया राष्ट्रीय पोषण अभियान
मधुबनी : 07 अक्टूबर
राष्ट्रीय पोषण अभियान कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरे सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया गया, जहां विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करते हुए आम लोगों को पोषण से जोड़ने का कार्य आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया. इस अभियान में गतिविधियों के अनुसार मधुबनी जिला ने राज्य में 5वां स्थान हासिल किया। जिले में कुपोषण को मिटाने के उद्देश्य से आईसीडीएस द्वारा पोषण अभियान चलाया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों का भी सहयोग रहा. इस दौरान आयोजित होने वाली समस्त गतिविधियों को पोषण अभियान के डैशबोर्ड पर डाला गया है. डैश बोर्ड पर आधारित आंकडों के अनुसार पोषण माह में जिले में 78 लाख 67 हजार 334 लोगों की भागीदारी हुई है.
अभियान के दौरान 109 कुपोषित बच्चों को किया गया चिन्हित:
आईसीडीएस डीपीओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया अभियान के दौरान 109 कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया जिसमें तीन गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा गया। वहीं जिले में वर्तमान में 40 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इस वित्तीय वर्ष के दौरान 77 और नए मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र खोले जाएंगे। साथ ही जिले में 21 पोषण वाटिका केंद्र खोली जाएगी. अभियान के दौरान जिला सहित विभिन्न प्रखंडों में पोषण परामर्श केंद्र खोला गया जिसमें 57000 लोगों को परामर्श दिया गया.
पोषण माह में जिले में हुई 8 लाख 49 हजार 100 गतिविधियाँ :
आईसीडीएस के डीपीओ डॉ.रश्मि वर्मा ने बताया पूरे पोषण माह के दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवाया गया जिसमें पोषण रथ, पोषण परामर्श केंद्र, रंगोली, दीवार लेखन, गोदभराई, अन्नप्राशन, ग्रोथ मोनिटरिंग, मेहंदी प्रतियोगिता, साईकल रैली, पौधा रोपण, मास्क वितरण, जागरूकता अभियान जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. सभी प्रखंडों को मिलाकर जिले में कुल 8 लाख 49 हजार 100 गतिविधियां आयोजित की गई. आयोजित हुए कार्यक्रमों में 78 लाख 67 हजार 334 से अधिक लोगों की भागीदारी रही जिसमें 15 लाख 29 हजार 706 पुरूष, 24 लाख 85 हजार 711 महिला, 18 लाख 26 हजार 116 बालक एवं 19 लाख 06 हजार 927 बालिकाओं द्वारा भाग लिया गया.
सभी लोगों के सहयोग से सफल हुआ अभियान :
डीपीओ डॉ रश्मि वर्मा ने बताया पोषण अभियान में आयोजित विभिन्न गतिविधियों को सफल बनाने में सभी लाग का सहयोग रहा. इसमें आईसीडीएस में कार्यरत सीडीपीओ, एलएस, आंगनवाड़ी सेविकाएँ, सहायिकाएं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आदि का सहयोग रहा. आम लोगों ने भी पोषण की महत्वता को जानने और पोषण माह के दौरान हुए विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने में अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिससे मधुबनी पोषण माह में इतनी उपलब्धि हासिल कर सकी.
सुपोषण के लिए अपनाऐं पोषण के पांच सूत्र :
पोषण अभियान के जिला जिला समन्वयक स्मित प्रतीक सिन्हा ने बताया पोषण माह में लोगों को सुपोषित रहने के लिए पोषण के पाँच सूत्रों को अपनाने के लिए जोर दिया गया. इन पांच सूत्रों में शिशु के पहले 1000 सुनहरे दिन, पौष्टिक आहार, अनीमिया की रोकथाम, डायरिया रोकथाम एवं स्वच्छता को शामिल किया गया है. इन पांच सूत्रों का उपयोग कर सभी लोग स्वास्थ्य रह सकते हैं. पोषण माह के खत्म होने के बाद भी लोगों तक पोषण की जानकारियां मिलती रहेगी. इसके लिए लोग आंगनवाड़ी सेविका, आशा, एएनएम का सहयोग ले सकते हैं.
पोषण गतिविधियों के आयोजन में रखा गया कोरोना संक्रमण का खयाल :
पोषण अभियान के जिला समन्वयक स्मित प्रतीक चिन्ह ने बताया पूरे माह में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में कोरोना संक्रमण का ध्यान रखा गया. गतिविधियों के दौरान शारीरिक दूरी, मास्क का उपयोग आदि का ख्याल रखने के साथ ही लोगों को भी कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया.
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