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बेलादुल्ला विकास मंच के तत्वावधान में हुआ ब्लड शुगर जांच शिविर का आयोजन शिवम डायग्नोसिस, दरभंगा के सौजन्य से हुआ न्यूनतम मूल्य पर ब्लड शुगर की बेलादुल्ला में जांच। संवाददाता अजित कुमार सिंह

बेलादुल्ला विकास मंच के तत्वावधान में हुआ ब्लड शुगर जांच शिविर का आयोजन

शिवम डायग्नोसिस, दरभंगा के सौजन्य से हुआ न्यूनतम मूल्य पर ब्लड शुगर की बेलादुल्ला में जांच।

*ब्लड शुगर अनाज में लगे घुन की तरह हमारे शरीर को बनाता है खोखला- डा अयोध्यानाथ*

*शुगर पेशेंट हेतु खानपान तथा व्यवस्थित दिनचर्या की सबसे ज्यादा अहमियत – डा चौरसिया*

*दर्जनों जरूरतमंद स्त्री- पुरुषों ने मात्र ₹15 में कराया ब्लड शुगर की जांच*
बेलादुल्ला विकास मंच,दरभंगा के तत्वावधान में स्थानीय ‘शिवम डायग्नोसिस, दरभंगा’ के सौजन्य से सोमेश सदन,रानीपुर रोड,बेलादुल्ला में मात्र 15 रुपए में ब्लड शुगर की जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मंच के कोषाध्यक्ष डा इंद्रनारायण मिश्र, हरिहर झा,डा आर एन चौरसिया, आनंद मोहन,संतोष झा,डा अयोध्यानाथ झा,दीपक कुमार चौधरी,अमित कुमार,मदन मिश्रा,शशि भूषण,मदन मोहन मिश्रा,रानी झा,लोकेश झा,प्रो रेणुका सिन्हा,उदय कुमार झा,लोकेश झा,प्रेमलता झा, रमेश झा,राज नारायण झा, संजय कुमार झा,सरोज झा, जयकृष्ण तिवारी,रानी देवी आदि उपस्थित थे।
मिथिला विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास के विभागाध्यक्ष तथा मंच के अध्यक्ष डा अयोध्यानाथ झा ने कहा की ब्लड शुगर अनाज में लगे घुन की तरह हमारे शरीर को खोखला बनाता है। वर्तमान दिनचर्या में शारीरिक श्रम की कमी तथा मानसिक श्रम की वृद्धि से डायबिटीज रोग बढ़ता जा रहा है। ब्लड शुगर जांच से गड़बड़ी का पता चलता है,जिससे लोग उचित इलाज एवं सावधान रहकर स्वास्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।
मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व एनएसएस पदाधिकारी तथा मंच की सेवा-समिति के संयोजक डा आर एन चौरसिया ने कहा कि शुगर पेशेंट हेतु उचित खानपान तथा व्यवस्थित दिनचर्या की सबसे अधिक अहमियत है। प्रदूषित वातावरण,जंक फूड एवं फास्ट फूट का अधिक प्रयोग तथा अनुचित रहन-सहन के कारण ब्लड शुगर बढ़ता है,जिससे हम व्यायाम,योग-प्राणायाम,खेल-कूद,अधिक शारीरिक श्रम तथा शुद्ध एवं संतुलित खानपान को अपनाकर बच सकते हैं।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि डायबिटीज एक साइलेंट किलर है जो रोगी के खून में ग्लूकोज की मात्रा अधिक हो जाने के कारण होता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार भारत में करीब 6.5 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से ग्रसित हैं।भारत को डायबिटीज कैपिटल यानी मधुमेह रोगियों का गढ़ भी कहा जाता है।ब्लड में अत्यधिक शुगर से किडनी भी खराब हो जाता है।साथ ही साथ अन्य कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। शिविर में दर्जनों जरूरतमंद लोगों ने भोजन के पूर्व तथा भोजन के बाद ब्लड शुगर की जांच करवाकर उचित परामर्श प्राप्त किया।

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