एक कदम और आगे बढ़ी कोरोना वैक्सीन मैनेजमेंट की तैयारी
कोविड-19 के संभावित टीकाकरण अभियान को लेकर शीत श्रृंखला वार अक्षांश एवं देशांतर की मांगी गई जानकारी
जिले के सभी 23 शीत केंद्रों से मांगी गई रिपोर्ट
मधुबनी,
भारत सरकार द्वारा कोविड- 19 के संभावित टीकाकरण अभियान के सफल संचालन में ईविन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी। ईविन तकनीक के जरिये वास्तविक समय में अंतिम शीत-श्रृंखला प्वाइंट तक वैक्सीन और तापमान मूल्यांकन संभव हो सकेगा। शीत-श्रृंखला प्वाइंट से संबंधित टीकाकर्मी एवं टीकाकर्मी से संबंधित सत्र स्थलों के भौगोलिक आँकड़ों सहित अन्य आवश्यक सूचनाओं का जिला स्तर पर संकलन करना अनिवार्य है। संभावित टीकाकरण अभियान को लेकर जिले के सभी 23 शीत श्रृंखला केंद्र से अक्षांश एवं देशांतर एवं उसकी पुनः संपुष्टि के लिए राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने जिले के प्रतिरक्षण पदाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
कंप्यूटर से राज्य एवं केंद्र स्तर तक मिलेगी जानकारी
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अंदर राज्य को यह प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाएगा। उनके मुताबिक शीत श्रृंखला केंद्र (कोल्ड चेन सेंटर ) पर उपलब्ध शीत श्रृंखला उपकरण इलेक्ट्रॉनिक पद्धति (जीपीएस पद्धति) से एक दूसरे से जुड़े होते हैं। इसके द्वारा कौन सी श्रृंखला मशीन किस स्थान पर किस अवस्था में तथा किस मशीन में कितना टीका उपलब्ध है, पूरी जानकारी कंप्यूटर के माध्यम से प्रखंड, जिला, राज्य एवं केंद्र स्तर तक मिलती रहती है।
डाटा संकलन में सहयोगी संस्थाएं करेंगी सहयोग
राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी के पत्र के माध्यम से बताया गया है कि फॉर्मेट पर अपने-अपने प्रखंड के डाटा संकलित कर 16 अक्टूबर तक जिला प्रतिरक्षण कोषांग में जमा करना होगा। इस कार्य में डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ तथा यूएनडीपी सहयोग करेंगे। फॉर्मेट को पूर्ण रूप से भरने की जिम्मेदारी ब्लॉक अनुश्रवण पदाधिकारी, डाटा ऑपरेटर, ब्लॉक हेल्थ मैनेजर , तथा ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर की होगी।
ऐसे काम करता है इविन :
कोल्ड चेन मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि कोल्ड चेन में टीके रखने के डीप फ्रीजर में थर्मामीटर लगे हुए हैं । ऐसे में फ्रीजर के बंद या खराब होने पर इसकी जानकारी संबंधित स्टाफ के पास चली जाती है। फ्रीज का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा जाने पर मोबाइल से मैसेज व अलार्म बजने लगता है। ऐसे में तुरंत स्टाफ जाकर टीके को देख लेता है और उसे खराब होने से बचा लिया जाता है।
इविन मोबाइल एप्लिकेशन ऑनलाइन मॉनिटरिंग संभव:
इविन मोबाइल एप्लिकेशन से सभी कोल्ड चेन में उपलब्ध वैक्सीन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होती है। साथ ही इससे टीके की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा सकती है। टीके के सुरक्षित भंडारण के लिए नियत तापमान की जरूरत होती है। नियत तापमान में कमी या वृद्धि के कारण टीके के ख़राब होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन इस एप की मदद से यह कार्य आसान हो गया है। अब कोल्ड चेन में नियत तापमान में कमी या वृद्धि होने पर अलार्म बजने लगता है। साथ ही इसकी सूचना एप के जरिये कोल्ड चेन प्रबंधक से लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं यूनिसेफ के जिला अधिकारी को भी प्राप्त हो जाती है।
स्टॉक की जानकारी होती है उपलब्ध :
इसके लिए कोल्ड चेन स्टाफ को टीके की मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए स्मार्ट फोन और एक जीबी का डाटा प्लान दिया गया है। वह इविन नेटवर्क की एप के जरिए टीके के स्टॉक को अपडेट करते हैं। इससे आरसीएचओ और जिला कोल्ड चेन मैनेजर को इविन वेबसाइट पर वैक्सीन की करेंट स्टॉक की जानकारी मिल जाती है। साथ ही विकसित किए गए एडवांस एप से कहां कितनी वेक्सिन है, वेक्सिन का रख-रखाव कैसा हुआ है यह भी जीपीएस से स्वचालित तौर पर अपडेट होता है। इसकी रिपोर्ट भी जिला स्तरीय पदाधिकारी को नियमित तौर पर प्राप्त होती है। इससे कोल्ड चेन में रखी दवा की एक्सपायरी भी जानने में आसानी हो रही है।
वेक्सिन के रख-रखाव में काफी आसानी हुई
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एसके विश्वकर्मा ने बताया ने बताया एविन एप से वेक्सिन के रख-रखाव में काफी आसानी हुई है। जीपीएस से वेक्सिन के कोल्ड चेन मेंटेनेंस सहित अन्य जानकारियां भी आसानी से मिल रही हैं । इस एप्लिकेशन के उपयोग को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित भी किया गया है। यह एक नवीन पहल है जिससे टीके की गुणवत्ता तो सुनिश्चित ही की जा रही है, साथ में इसकी उपलब्धता एवं रख-रखाव का भी पूरा ब्योरा प्राप्त हो पा रहा है।
कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन
– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।
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