गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग व बीमार व्यक्तियों की घर पर जाकर करें कोरोना जांच- डीएम
-कोरोना एवं वंडर कार्यक्रम को ले ऑनलाइन बैठक में जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
दरभंगा,

जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में कोविड-19 एवं वंडर कार्यक्रम को लेकर सिविल सर्जन, डब्ल्यूएचओ के जिला प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक के साथ बैठक की।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड-19 का द्वितीय लहर बड़े शहरों में प्रवेश कर चुका है और बड़े शहरों से लोगों का आवागमन भी जारी है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को इससे सतर्क रहने एवं कोविड-19 की रोकथाम के लिए सभी उपायों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी दिए गए लक्ष्य के अनुरूप सैंपल कलेक्शन का कार्य करें तथा लक्षण प्राप्त पॉजिटिव मरीजों को डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में भर्ती करायें। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग व बीमार व्यक्तियों की घर पर जाकर कोरोना जांच करें ।
ए सिम्टोमिक पॉजिटिव मरीजों को घर में करें आइसोलेट-
डीएम ने कहा कि ए सिम्टोमिक पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेटेड किया जाए। चिकित्सकों एवं पारामेडिकल स्टाफ द्वारा उनकी जाँच नियमित रूप से की जाए। प्रखंड स्तर पर क्रियान्वित नियंत्रण कक्ष से दूरभाष के माध्यम से होम आइसोलेट पॉजिटिव मरीज का नियमित अनुश्रवण किया जाए। इसके साथ ही जिला नियंत्रण कक्ष से पॉजिटिव मरीजों के दूरभाष के माध्यम से नियमित अनुश्रवण कर उन्हें चिकित्सीय सलाह दी जाए।
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की हो निगरानी व अनुश्रवण-
डीएम ने कहा कि खासकर के जो वलनरेबुल पॉजिटिव, जिनमें 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे एवं गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति, के घर प्रतिदिन जाकर चिकित्सक / चिकित्सा कर्मी द्वारा जांच की जाए। प्रतिदिन कितने पॉजिटिव केस मिले, कितने लोगों की जांच हुई, कितने लोग स्वस्थ्य हुए, इसकी समीक्षा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को प्रतिदिन करने के निर्देश दिए तथा सभी कोविड केयर सेंटर को सक्रिय करने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं की निगरानी एवं अनुश्रवण के लिए बनाए गए वंडर कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 9 वीं एवं 21वीं तारीख
को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कराई जाए।
प्रसव गृह में ज़रूरी दवा कराएं उपलब्ध-
एएनएम अपने पोषक क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं के घर जाकर उनकी स्वास्थ्य जांच करें तथा भीएचएसएनडी साइट पर गर्भवती महिलाओं से संबंधित आंकड़ों को वंडर कार्यक्रम से संबंधित प्रपत्र में संकलित करें। एएनएम अपने पोषक क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करें तथा प्रत्येक शनिवार को चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा इससे संबंधित मामलों की समीक्षा की जाए।
प्रसव गृह में प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित दवाओं को उपलब्ध कराने के निर्देश-
समीक्षा के दौरान पाया गया कि गर्भवती महिलाओं के लिए कई आवश्यक दवाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध नहीं हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को अगले 3 दिनों में प्रसव गृह में प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित दवाओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड 19 के मृतक मरीजों की समीक्षा की जाए कि वे कब कोविड पॉजिटिव हुए थे। अस्पताल में कब और किस स्थिति में आये तथा अस्पताल में आने के कितने दिनों के बाद उनकी मृत्यु हुई।
पल्स पोलियो अभियान की हुई समीक्षा-
बैठक में आगामी पल्स पोलियो अभियान नवम्बर 2020 राउंड की तैयारी की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन डॉ संजीव कुमार सिन्हा द्वारा बताया गया कि अक्टूबर राउंड में कई प्रखंडों में एक भाईल से 14 डोज ही दिए गए, जबकि 20 डोज होना चाहिए, जिसकी वजह से अंतिम चरण में दवा की कमी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कहा कि किस एएनएम द्वारा दवा की बर्बादी की जा रही है, उसे चिह्नित करना होगा। उन्होंने कहा कि नवंबर राउंड का पहला राउंड ए टीम द्वारा 29 नवंबर से 3 दिसंबर तक चलाया जाएगा, पुनः बी टीम द्वारा 5 दिसंबर से अभियान चलाया जाएगा। बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि कोरोना को लेकर नियमित टीकाकरण की गति धीमी हो गई है। नियमित टीकाकरण की गति में भी तेजी लानी होगी तथा 2023 तक मिजिल्स को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे तथा प्रखंडों से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी ऑनलाइन जुड़े हुए थे।
कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन,-
– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।
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