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किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले 7 किसान संगठनों दरभंगा जिला किसान काउंसिल, किसान सभा, किसान महासभा, किसान खेत मजदूर सभा, किसान प्रकोष्ठ राजद, किसान कांग्रेस और दरभंगा जिला खेतिहर मजदूर यूनियन संयुक्त बैनर तले सैकड़ों की संख्या में कर्पूरी चौराहा पर महा धरना दिया ।

किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले 7 किसान संगठनों दरभंगा जिला किसान काउंसिल, किसान सभा, किसान महासभा, किसान खेत मजदूर सभा, किसान प्रकोष्ठ राजद, किसान कांग्रेस और दरभंगा जिला खेतिहर मजदूर यूनियन संयुक्त बैनर तले सैकड़ों की संख्या में कर्पूरी चौराहा पर महा धरना दिया ।

AJit kumar singh DN 24 LIVE

किसान संगठनों ने सरकार से मांग किया की
किसान विरोधी तीनों काला कानून वापस लेने, 2020 बिजली बिल वापस लेने, किसान संगठनों से सम्मानजनक समझौता करने, किसान आंदोलन पर सरकारी दमन रोकने, बिहार में बाढ़ सूखा का स्थाई निदान करने,
बाढ़ से हुए फसल छती का नुकसान एवं बाकी राहत का भुगतान करने, किसानों के सभी तरह के लगान माफ करने, सकरी रैयाम एवं लोहट चीनी मिल तथा अशोक पेपर मिल अभिलंब चालू करने, सरकारी मूल्य पर किसानों के धान मक्का अभिलंब खरीद करने, रवि हेतु किसानों को पर्याप्त मात्रा में ऋण उपलब्ध कराने की नारा बुलंद किया गया। दरभंगा जिला किसान सभा के अध्यक्ष राजीव कुमार चौधरी, किसान काउंसिल के संयुक्त मंत्री राम सागर पासवान, किसान महासभा के अध्यक्ष शिवम यादव, किसान कांग्रेश के मो असलम, राजद किसान प्रकोष्ठ के प्रकाश कुमार ज्योति की संयुक्त अध्यक्ष मंडली मेसभा को खेतिहर मजदूर यूनियन के जिला मंत्री दिलीप भगत, किसान काउंसिल के संयुक्त मंत्री महेश दुबे, पैक्स अध्यक्ष अनिल महाराज, जनवादी महिला समिति के शिव कला देवी, किसान नेता दिनेश क्षा, इंसाफ मंच के नियाज अहमद, अहमद अली तमन्ने, किसान कांग्रेस के जयंत कुमार झा, आशुतोष मिश्रा, घनश्याम भारती, चंदेश्वर सिंह, केवल ठाकुर, संजीव ठाकुर, किशोर कुमार प्रजापति, विनोद यादव, मोहम्मद मुजाहिद, विश्वनाथ मिश्र, पैक्स अध्यक्ष पंकज कुमार चौधरी, शिव कुमार ठाकुर आदि ने संबोधित किया।
कर्पूरी चौक से हजारों की संख्या में जुलूस की शक्ल में किसान मार्च सामारणालय तक पहुंचा। मार्च का नेतृत्व राजीव कुमार चौधरी, श्याम भारती, शिवान यादव, सुरेंद्र दयाल समान, राम नरेश यादव, जयंती कुमार झा, और दिलीप भगत ने किया। दरभंगा सामा रणालय पर आयोजित सभा को समर्थन देते हुए
सीपीआई के जिला सचिव नारायण जी क्षा, सीपीएम के जिला मंत्री अविनाश कुमार ठाकुर मंटू, भाकपा माले के अभिषेक कुमार, कांग्रेश के राम नारायण क्षा, ने कहा कि केंद्र की सरकार आंदोलनकारी किसानों से अभिलंब समझौता कर तीनों किसान विरोधी बिल अविलंब वापस ले नहीं तो गांव के एक एक किसान बिहार के सड़कों पर सरकार विरोधी जंग में शामिल होगा। वक्ताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार कारपोरेट पक्षी है। खेती में भी कारपोरेट का प्रवेश कराना चाहता है। अपने ही खेत में किसानों को गुलाम बनाने वाली बिल लाया है। इस बिल के परिणाम से जमाखोरी कालाबाजारी भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ेगा। केंद्र की सरकार के इस जनविरोधी बिल ग्रामीण,जन जीवन को भयंकर प्रभावित करेगा। भारत में कंपनी राज स्थापित करना चाहता है। किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि पूरे मुल्क में चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार के किसानों के द्वारा 29 दिसंबर को पटना में बिहार के महामहिम राज्यपाल का घेराव किया जाएगा। किसान संगठनों के नेताओं ने दरभंगा समाहर्ता कार्यालयको मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
राजीव कुमार चौधरी
किसान संघर्ष समन्वय समिति

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