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मधुबनी आयुष मंत्रालय ने जिले के दो प्रखंड को आयुष ग्राम के लिए लिया गोद – अजित कुमार सिंह DN 24 LIVE

आयुष मंत्रालय ने जिले के दो प्रखंड को आयुष ग्राम के लिए लिया गोद

– कैंप आयोजन कर लोगों का किया जाएगा उपचार
– संचारी रोग तथा गैर संचारी रोग एवं कोविड-19 के बचाव तथा उपचार की दी जाएगी जानकारी
– 18 दिसंबर को पंडौल प्रखंड के हाईस्कूल मैदान में लगेगा शिविर
– कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आयुष चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण

मधुबनी आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने बिहार के 7 जिलों को आयुषग्राम के लिए गोद लिया है. जिसमें मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड तथा राजनगर प्रखंड को सम्मिलित किया गया है. कार्यक्रम के तहत 5 गांव मिलाकर 10 हजार आबादी पर एक केंद्र बनाया जाएगा। वर्तमान में पंडौल प्रखंड के बेलाही पंचायत के लोहट ग्राम का चुनाव किया गया है।

वहीं राजनगर प्रखंड के पटवारा गांव का आयुषग्राम के लिए चुनाव किया गया है। जिसमें कैंप लगाकर आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक तथा योगा पद्धति से मरीजों का इलाज किया जाएगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए स्थानीय होटल में जिले के आयुष चिकित्सकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर हरेंद्र कुमार लाल दास ने बताया 18 दिसंबर को पंडौल प्रखंड के हाई स्कूल मैदान पर स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा, जिसमें चिन्हित पंचायत सहित पूरे प्रखंड के लोगों को देशी चिकित्सा का लाभ मिलेगा।तथा आयुष ग्राम लोहट में 19 व पटवारा में 21 दिसंबर को शिविर लगाया जाएगा।

क्या है आयुष ग्राम योजना:
जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर हरेंद्र कुमार लाल दास ने बताया आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आम जनता को आयुष चिकित्सा सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध करवाए जाने एवं उनके आधार पर स्वास्थ्य सूचकांकों के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से आयुषग्राम योजना ”आयुष मिशन” के तहत प्रारंभ की है। इस योजना के तहत 5 गांव के लगभग 10,000 जनसंख्या को शामिल किया गया है। आयुर्वेदिक भारतीय चिकित्सा प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिनमें स्वस्थ जीवन-यापन रोगों की रोकथाम तथा उपचार के लिए अथाह भंडार है। आयुष चिकित्सा पद्धति में आयुर्वेदिक, योग, यूनानी, होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धतियों का समावेश है। इस योजना से ग्राम वासियों के स्वास्थ्य का स्तर सुधरेगा जिसके फलस्वरूप उनका जीवन स्तर भी सुधरेगा।

बिहार में इन जिलों का किया गया है चुनाव:
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया आयुष ग्राम योजना के तहत बिहार के पटना, नालंदा, मधुबनी, भागलपुर तथा नवादा के 2 प्रखंडों का चुनाव किया गया है।

आयुष ग्राम योजना के उद्देश्य:
आयुष ग्राम योजना के तहत संचारी रोग रोग जैसे हेपेटाइटिस बी, सी, मलेरिया, डेंगू, ट्यूबरक्लोसिस, एचआईवी, कोविड-19, चिकनगुनिया, वायरस, इनफ्लुएंजा एवं गैर संचारी रोग जैसे डायबिटीज, एनीमिया, मानसिक तनाव, ब्लड प्रेशर, थायराइड आदि बीमारियों का इलाज, रोकथाम एवं उपचार करना है तथा रोकथाम के और उपचार के लिए उपाय बताना है।

कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए इन विभागों का लिया जाएगा सहयोग:
कार्यक्रम को सफल संचालन के लिए आयुष विभाग के अतिरिक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, आईसीडीएस एवं एनजीओ का सहयोग लिया जाएगा। जिसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य योजनाओं की प्रदर्शनी तथा जानकारी उपलब्ध करवाएंगे एवं प्राथमिक उपचार के लिए ओपीडी तथा इमरजेंसी सेवाएं प्रदान करेंगे, शिक्षा विभाग सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के छात्र छात्राओं को शिविर में स्वास्थ्य प्रदर्शनी का अवलोकन तथा स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध करवाएंगे, कृषि विभाग औषधीय पादपों के कृषि से संबंधित जानकारियां उपलब्ध करवाएंगे, वन विभाग औषधीय वनस्पति की प्रदर्शनी तथा वनस्पतियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना पौधे वितरण करवाना, विद्यालय में पौधारोपण करवाना आदि कार्य करेंगे. आईसीडीएस विभाग महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पोषण संबंधी प्रदर्शनी एवं जानकारी उपलब्ध करवाएंगे।

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