छात्र-शिक्षक-कर्मचारी के ज्वलंत मांगो के साथ आईसा ने किया सीनेट का घेराव

युजी पीजी,पीएचडी सहित सभी कोर्स में की गई वृद्धि वापस लो डिस्टेंस एजुकेशन की रद्द मान्यता को पुनः बहाल करने हेतु सीनेट से प्रस्ताव पारित करो कुलपति महोदय से वार्ता के लिए सोमवार को मिला समय
दरभंगा, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय की रद्द मान्यता को पुनः दिलाने हेतु सीनेट बैठक से प्रस्ताव पास कर यूजीसी को भेजने;यूजी-पीजी,पीएचडी,वोकेशनल कोर्स सहित सभी कोर्सों में की गई फीस वृद्धि वापस लेने;GMRD कॉलेज को असमाजिक तत्वों से मुक्त करते हुए प्रधानाचार्य को सुरक्षा मुहैया कराया जाए;सीएम लॉ कॉलेज में एल.एल.एम की पढ़ाई शुरू करने;विवि में शिक्षक-कर्मचारी की सभी रिक्त पदों पर अविलंब बहाली करने;इत्यादि मांगो के साथ पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन(आईसा) के बैनर तले सीनेट बैठक का घेराव किया।
इससे पूर्व आईसा जिला सचिव विशाल मांझी,जिला कार्यकारी सचिव मयंक यादव,जिला सहसचिव राजू कर्ण,एवं शम्स तबरेज, के नेतृत्व में केंद्रीय पुस्तकालय स्थित बाबा नागार्जुन मूर्ति से नरगौना गेट तक आक्रोशपूर्ण मार्च निकाला गया।जहां नरगौना गेट पर पुलिस बल से छात्रों की धक्का मुक्की भी हुई।
प्रशासन के रोके जाने के कारण वहीं नरगौना गेट पर धरने पर बैठ जिला अध्यक्ष प्रिंस राज के अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए आइसा राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने कहा की आज मिथिला विश्वविद्यालय के सबसे निर्णायक कमेटी सीनेट की बैठक हो रही है इस बैठक में छात्र-छात्राओं के भविष्य पर चर्चा होती है छात्रों के पढ़ाई लिखाई वर्ग संचालन दोषपूर्ण रिजल्ट इत्यादि पर प्रस्ताव पारित किए जाते हैं । इस बैठक के अंदर सभी तबके के प्रतिनिधि मौजूद हैं लेकिन विश्वविद्यालय का अभिन्न अंग जो छात्र हैं उसका कोई भी प्रतिनिधि इस बैठक में नहीं है अब आप समझ लीजिए इस बैठक में छात्रों के समस्या व मांगो पर कैसे चर्चा होगी तब छात्र संगठन आइसा ने छात्रों से जुड़े सवालों को सीनेट की बैठक तक पहुंचाने के लिए 1 सप्ताह पहले कुलपति कार्यालय में अपना मांग पत्र सौंपा और कहा कि अगर हमारी मांग पर सीनेट के अंदर चर्चा नहीं हुई तो हम सीनेट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करेंगे आज उसी कड़ी में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत यह प्रदर्शन है ।विश्वविद्यालय प्रशासन हमारी मांग पर हमसे वार्ता करने के बजाए पुलिस प्रशासन को आगे करते हैं यह नहीं चलेगा आपको छात्र छात्राओं के मांगों पर बात करनी होगी।
आइसा समस्तीपुर के जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ऐसे इलाके में है जहाँ गरीब माध्यम वर्गीय छात्र पढ़ने आते हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन साजिशन उन्हें शिक्षा से दूर रखना चाहती है फीस में बेतहाशा वृद्धि इसका प्रमाण है।
छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए विवि के प्रॉक्टर डॉ अजय नाथ झा,इंजीनियर सोहन चौधरी,भू-संपदा पदाधिकारी विजय यादव ने गेट पर आकर वार्ता की।जिसमें गहनता से हमारी बातों को सुनने के बाद उन्होंने कहा है कि कुलपति महोदय ने सोमवार 21 दिसम्बर को वार्ता के लिए आप लोगों को बुलाया है।
प्रॉक्टर महोदय से सांकेतिक वार्ता के बाद कार्यक्रम को तत्काल स्थगित करने की घोषणा की गई।
अगर सोमवार को कुलपति महोदय से हमारी सकारात्मक वार्ता नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी,जिलाध्यक्ष प्रिंस राज ,जिला सचिव विशाल माझी ,जिला कार्यकारी सचिव मयंक कुमार यादव,शम्स तबरेज, आमिर अखलाक, चंदन कुमार साफी ,सुफियान,सिद्धार्थ राज,केशव चौधरी, शंकर पासवान,गोलू सिंह,अनिकेत रंजन,सन्नी कुमार, समस्तीपुर के जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ,,जिला अध्यक्ष लोकेश राज,रोशन कुमार सहित सैकड़ों लोग शामिल थे। विशाल मांझी जिला सचिव आइसा
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