मां बनने के बाद स्वास्थ्य के प्रति नहीं बरते लापरवाही
सर्दियों में स्वास्थ्य अनुकूल आहार- व्यवहार ज़रूरी
शारीरिक

समस्या होने पर सरकारी चिकित्सा सेवा का उठावें लाभ
दरभंगा सामान्यतः बच्चों के जन्म के बाद मां अपने स्वास्थ्य के प्रति संजीदा नहीं रहती है। यह व्यवहार स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। प्रसव के बाद भी मां एवं बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी जरूरी होती है। खासकर गर्भावस्था के साथ- साथ प्रसव के बाद भी महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। असल में, संस्थागत प्रसव के समय महिला को काफी दर्द महसूस होता है। ऐसे में उसे बच्चे के जन्म के बाद भी पूरी तरह से आराम की जरूरत होती है। निज़ी चिकित्सक डॉ विनय के अनुसार, अगर डिलीवरी के बाद महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखती हैं तो उन्हें उम्र बढ़ने के साथ कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें शरीर में दर्द, जकड़न, पेट में अधिक मात्रा में चर्बी जमा होना, मांसपेशियों व हड्डियों में दर्द व बालों का झड़ना आदि की शिकायत हो सकती है। ऐसे में डिलीवरी से पहले और बाद में भी सेहत का ध्यान रखना उतना ही आवश्यक है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि इस दौरान महिलाओं को अपनी सेहत को बरकरार रखने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए।
हरी सब्जियों का करें सेवन
अक्सर महिलाएं गर्भावस्था में तो हरी सब्जियों का सेवन करती हैं है। ताकि बच्चे को पोषण मिल सके। मगर डिलीवरी के बाद इसका सेवन कम या नाम मात्र कर देती हैं है। मगर ऐसा करना गलत है। असल में, डिलीवरी के बाद उसे बच्चे को स्तनपान करवाना होता है। साथ ही मां के दूध से ही बच्चे को सभी जरूरी तत्व मिलते हैं। ऐसे में मां को अपनी खुराक (डाइट) का खास ध्यान रखने की जरूरत है। इसलिए उसे हरी सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए। ताकि बच्चे को सही पोषण मिलने के साथ बेहतर तरीके से विकास होने में मदद मिले।
गुड़ खाएं-
डॉ कुमार ने बताया डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपनी खुराक में गुड़ जरूर शामिल करना चाहिए। आयरन का उचित श्रोत होने से इससे डिलीवरी के समय रक्त की कमी (ब्लड लॉस) पूरी होने में मदद मिलती है। ऐसे में रोजाना गुड़ का सेवन करना फायदेमंद होता है। इससे खून की कमी पूरी होने के साथ थकान, कमजोरी दूर होती है। आप चाहें तो गुड़ का काढ़ा बनाकर पी सकती हैं।
गर्म पानी पीएं-
डिलीवरी के लिए कई महिलाओं का वजन बढ़ने के साथ पेट पर अधिक चर्बी आ जाती है। विशेषज्ञ(एक्सपर्ट्स) के मुताबिक, इसके पीछे का कारण ठंडे पानी का सेवन करना माना जाता है। ऐसे में प्रसव (डिलीवरी) के बाद महिलाओं को ठंडे की जगह गर्म पानी का सेवन करना चाहिए। यह पेट पर जमा अतिरिक्त (एक्सट्रा) चर्बी को कम करने में मदद करता है।
अजवाइन सेवन करने से अपच, एसिडिटी की परेशानी दूर होकर पेट साफ होने में मदद-
अजवाइन में एंटी-बैक्टीरिल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी- ऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इसका सेवन करने से अपच, एसिडिटी की परेशानी दूर होकर पेट साफ होने में मदद मिलती है। ऐसे में डिलीवरी के बाद महिलाओं का इसका सेवन जरूर करना चाहिए। इसे खाने में मिला कर या रोजाना गुनगुने पानी में चुटकीभर अजवाइन मिलाकर पीना फायदेमंद रहेगा।
टीकाकरण आवश्यक-
हेपेटाइटिस-बी की चपेट में मां के होने पर नवजात शिशु का टीकाकरण प्रसव के तुरंत बाद बेहद जरूरी होता है, । डॉ विनय के अनुसार, हेपेटाइटिस-बी वायरस की वजह से होता है, जो लीवर को प्रभावित करता है। इससे सिरोसिस और लीवर कैंसर की संभावना भी रहती है। इसलिए प्रसव के बाद नवजात का टीकाकरण ज़रूरी है। इसके अलावा अन्य टीका भी ज़रूरी है, ताकि गंभीर रोगों से बचाया जा सके।
सरकारी अस्पताल में निः शुल्क चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध-
किसी भी महिला के प्रसव के बाद डॉक्टर से उचित परामर्श जरूरी होता है, इसे लेकर कोई भी महिला निकट के सरकारी अस्पताल में जाकर संपर्क कर सकती है। वहां 24 घंटे डॉक्टरों और कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। किसी प्रकार के शारीरिक समस्या होने पर महिला अस्पताल में जाकर डॉक्टर से निः शुल्क परामर्श का लाभ उठा सकती हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए वह निकट के आंगनवाड़ी में सेविका से संपर्क कर सकती है।
कोरोना से करें बचाव-
-हमेशा मास्क पहने
-साथ में सैनिटाइजर रखें
लोगों से उचित दो गज की दूरी बनायें
सदैव कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करें
समस्या होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में सम्पर्क करें।
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