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दरभंगा 5 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण 31 जनवरी से – दरभंगा news 24 live – (अजित कुमार सिंह)

5 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण 31 जनवरी से

– एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा पिलाई जाएगी दवा
– 5 वर्ष तक के बच्चों को जरूर दें “दो बूंद जिंदगी की”

 

 

 

दरभंगा बच्चों में विकलांगता होने के प्रमुख लक्षणों में से एक पोलियो को जड़ से खत्म करने के लिए जिले में अंतर्राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत 31 जनवरी से होगी। अभियान के तहत 5 साल तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रतिक्षण पदाधिकारी डॉ. ए. के. मिश्रा ने बताया पोलियो एक गंभीर बीमारी है,जो किसी व्यक्ति के शरीर को लकवाग्रस्त कर देता है| छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती इसलिए उसे इस बीमारी से संक्रमित होने की संभावना अधिक रहती है | इसे होने से पहले ही खत्म कर देने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है| उन्होंने जिले के सभी परिजनों से अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाने में जिला स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सहयोग करने की अपील की|

हर बच्चा पिये दवा इसलिए टीम है पूरी तरह तैयार :

जिला प्रतिक्षण पदाधिकारी डॉ. ए के मिश्रा ने बताया पल्स पोलियो अभियान के तहत 5 दिनों तक चलने वाले चक्र में जिले के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलानी है। अभियान की के सफलता के लिए जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा डोर टू डोर टीम,ट्रांजिट टीम,मोबाइल टीम, का गठन किया जाएगा। प्रत्येक दल में एक आशा और एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रहेंगी जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलएंगी। दवा पिलाने के बाद बच्चों के और उनके माता -पिता का नाम, गृह संख्या आदि फार्म में भर कर अपने केंद्र में जमा करवाएँगी। उन्होंने बताया इन दलों के पर्यवेक्षण के लिए सुपरवाइजर भी नियुक्त किए जाएंगे। सभी सदस्यों को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मास्क, सैनिटाइजर आदि उपलब्ध कराया जाएगा।

खतरनाक लकवाग्रस्त वायरस जनित रोग है पोलियो :

जिला प्रतिक्षण पदाधिकारी डॉ. ए के मिश्रा ने बताया कि पोलियो एक खतरनाक लकवाग्रस्त वायरस जनित रोग है।बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उसे पोलियो होने की संभावना अधिक रहती है| यह बीमारी विशेष रूप से रीढ़ के हिस्सों व मस्तिष्क को ज्यादा नुकसान पहुँचता है| इससे बचाव के लिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए। पोलियो ड्रॉप के साथ बच्चों को संपूर्ण टीकाकरण भी करवाना चाहिए जो 12 जानलेवा बीमारियों से बचाए रखता है.| उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्व एशिया समेत भारत को 2014 से ही पोलियो मुक्त घोषित किया गया है, पर आस-पड़ोस के देश जैसे पाकिस्तान, अफगानिस्तान आदि देश अभी भी पोलियो से ग्रसित हैं है। वहां से आने वाले लोगों द्वारा यह भारत में भी फैल सकता है। इसलिए हमें सावधान रहना जरूरी है। जिसके लिए अभियान चलाया जा रहा है.|

कार्यक्रम की शत-प्रतिशत सफलता के लिए आंगनबावाड़ी सेविका करेंगी सहयोग:

आईसीडीएस डीपीओ अलका आम्रपाली ने बताया पोलियो अभियान की सफलता के लिए आंगनबावाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। जो डोर टू डोर भ्रमण कर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी| इसके लिए सभी सीडीपीओ तथा एलएस को निर्देश दिया गया है। साथ ही आंगनबावाड़ी सेविका, महिला पर्यवेक्षक को संध्याकालीन बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आईसीडीएस की के तरफ से किसी भी तरह समस्या होती है तो उसका तुरंत निष्पादन करने को ना सूचित करेंगे ताकि पोलियो अभियान में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।

कोविड संक्रमण से बचाव का रखा जाएगा ध्यान :
यूनिसेफ एसएमसी शशिकांत सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान कोविड संक्रमण से बचाव का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कर्मियों द्वारा दवा पिलाने के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। संक्रमण को ध्यान में रखते हुए बच्चों को ड्रॉप पिलाने के बाद हाथ में मार्कर से किसी तरह का निशान नहीं लगाया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह से मास्क व ग्लब्स
ग्लव्स का उपयोग करने के लिए निर्देशित किया गया है।

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