अब टीबी और कुष्ठ रोग की भी जांच करेगी आरबीएसके टीम

दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को समाप्त हुआ
-बच्चों में जन्मजात दोषों की स्कूलों तथा आंगनबाड़ी में जाकर करती है स्क्रीनिंग
मधुबनी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) में लगी टीमें अब बच्चों की सेहत का परीक्षण करने के साथ ही टीबी और कुष्ठ रोग की भी जांच करेंगी। बच्चों में स्क्रीनिंग के दौरान बीमारी के लक्षण मिलने पर उनका सेंटरों पर इलाज कराया जाएगा। बच्चों को इलाज निःशुल्क मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए जिला क्षय रोग विभाग और कुष्ठ रोग विभाग द्वारा आरबीएसके चलंत चिकित्सा दलों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। टीम को जिला क्षय रोग और जिला कुष्ठ रोग विभाग की ओर से प्रशिक्षण डॉ रमेश पासवान एवं डॉ सुजीत कुमार ने दिया। चलंत चिकित्सा दलों को आरबीएसके वेब पोर्टल पर रेफरल बच्चों से संबंधित रिपोर्टिंग फॉर्मेट पर डाटा प्रविष्ट करने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सदर अस्पताल के सभागार में दिया गया।
बच्चों में जन्मजात दोषों की स्कूलों में जाकर करती है स्क्रीनिंग:
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत काम करने वाली टीमें बच्चों में जन्मजात दोषों की स्कूलों एवं आंगनबावाड़ी केंद्रों में जाकर स्क्रीनिंग करती है। इसके लिए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शिविर भी लगाए जाते हैं। वहां से जो बच्चे जन्मजात दोषों से ग्रसित मिलते हैं, उन्हें उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भेजा जाता है। इस तरह से आरबीएसके की टीमें 45 बीमारियों पर काम कर रही हैं है|, जिसमें उनकी नई जिम्मेदारियों में क्षय रोग और कुष्ठ रोग की भी अब स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।
बच्चों में विकृतियों से उत्पन्न रोग की पहचान एवं जांच के तरीकों की दी गई जानकारी :
आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ.क्टर कमलेश शर्मा ने बताया कि सभी आरबीएसके की टीमों को दो दिवसीय को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में आरबीएसके के तहत बच्चों में विशिष्ट रोग सहित डेफिसिशिएंसीज यानी पोषाहार की कमी से होने वाली बीमारियां, दूसरा डिसीज यानी बच्चों में होने वाली सामान्य बीमारियां, तीसरा डिफेक्ट यानी बच्चों में होने वाली जन्मजात विकृतियों से उत्पन्न रोग और चौथा डेवलपमेंट यानी विकास में कमी से शामिल उत्पन्न रोग हैं है। इनकी जांच के तरीकों को बताया गया है। डॉ.कमलेश शर्मा ने बताया कि की इस संबंध में प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक के निर्देश पर टीम को जानकारी दी गई है। सभी को प्रशिक्षण दिया गया है। अब टीम क्षय रोग और कुष्ठ बीमारी की भी जांच कर उनका इलाज कराएगी।
प्रशिक्षण में संचारी रोग पदाधिकारी डॉ आर के सिंह, आरबीएसके चलंत चिकित्सा दल में कार्यरत आयुष चिकित्सक, ए एन एम एवं फार्मासिस्ट उपस्थित थे।
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