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मधुबनी समाज हित के लिए बेहतर काम कर रही ” वर्ल्ड विजन”

समाज हित के लिए बेहतर काम कर रही ” वर्ल्ड विजन”

स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्य कर रहे संस्था

अब तक 500 से अधिक मरीजों को कर चुकी है चिन्हित

बिहार के 5 जिलों में टीवी के मरीजों के साथ कर रही कार्य

 

Edit By -ajit kumar singh

मधुबनी जिला को यक्ष्मा (टीवी) मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिले के एक संस्था वर्ल्ड विजन इंडिया भी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्य कर रही है। इसके तहत संस्था को जिले के प्राइवेट नर्सिंग होम से टीवी के मरीजों को चिन्हित कर उन्हें सरकारी सुविधा का लाभ देने की जिम्मेदारी दी गई है संस्था ने भी इस कार्य को अच्छी तरह से निर्वहन कर रही है वर्ल्ड विजन संस्था ने जिले में जून 2020 से कार्य शुरू किया और अब तक 500 से अधिक मरीजों को चिन्हित किया है तथा उनका इलाज सरकारी सुविधाओं का अनुसार कराया जा रहा है साथ ही मरीजों को सरकार द्वारा दी जाने वाली निश्चय पोषण योजना की राशि भी दिला रही है। संस्था के कर्मचारी तक रोज भ्रमण कर मरीजों को चिन्हित करती है।

अब तक 500 से अधिक मरीजों को कर चुकी है चिन्हित:
संस्था ने जून 2019 से जिले में कार्य सुरु किया और जुलाई, अगस्त, सितंबर माह मे कम 126 टी वी के मरीजों को चिन्हित किया। वहीं अक्टूबर में 121,नवंबर 106 एवं दिसंबर माह में 229 मरीजों को चिन्हित किया। इसमें 87% से अधिक मरीजों को निश्चय पोषण योजना के लाभ दिलवाने में सफल रहे।

कैसे होता है मरीजों की ट्रैकिंग

संस्था के ऑपरेशन मैनेजर संजय चौहान बताते हैं कि प्राइवेट। नर्सिंग होम से मरीजों को चिन्हित किया जाता है साथ ही जिले 30 किलोमीटर के दायरे में कार्य करते हैं लेकिन जिले के किसी प्रखड से जानकारी मिलती है तो हमारे ट्रीटमेंट कोऑर्डिनेटर
30किलोमीटर के दायरे में मरीजों से संपर्क करते है साथ ही मरीज का सारा डिटेल्स ऐप में भरते हैं। ताकि मरीज तक आसानी से पहुंचा जा सके। इसके लिए मरीज का नाम, मोबाइल नंबर, प्रखड, पंचायत, ग्राम साथ ही आधार न एप में भरा जाता है उसके बाद मरीज से एक सप्ताह, दूसरी बार 2 रे महीने में मरीज से मिलते हैं। इस दरम्यान 6 माह तक मरीजों का इलाज कराया जाता हैं जिसमें 3 बार मरीज के बलगम का जांच किया जाता है। जिसमें प्रथम 2 माह तक 4 एफ डी सी (फिक्स्ड डोज कॉमुंकेशन) तथा तीसरे माह से 3एफ डी सी (फिक्स्ड डोज कॉमुंकेशन) की दवा मरीज को चलाई जाती है।

क्या कहते हैं अधिकारी:

सीडीओ डॉक्टर आरके सिंह ने कहा संस्था के सहयोग से जिले में यक्ष्मा टीवी के मरीजों को चिन्हित किया जा रहा है जिसमें स्वास्थ विभाग को सफलता हासिल हुई है। उन्होंने संस्था से और बेहतर में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 तक जिले को टीवी मुक्त करने का संकल्प लिया है।

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