विधानसभा में मुखर हुई मैथिली की ताकत को विद्यापति सेवा संस्थान ने सराहा
बिहार विधानसभा में मिथिला क्षेत्र से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार को प्रश्नोत्तर काल के दौरान मिथिला, मैथिली एवं इसकी धरोहर लिपि मिथिलाक्षर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मातृभाषा मैथिली में सवाल-जवाब कर अपनी मां के दूध के कर्ज अदायगी का नायाब उदाहरण पेश किया है। ये बातें विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डाॅ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने मंगलवार को दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी द्वारा मिथिलाक्षर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बाद चर्चा के दौरान सदन में मैथिली की आवाज गूंजने पर प्रतिक्रिया देते कही। उन्होंने कहा कि यह वाकया न सिर्फ सात करोड़ मिथिला वासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आने वाले समय में मिथिला, मैथिली और मिथिलाक्षर के सर्वांगीण विकास के लिए शुभ संकेत भी है ।
मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमला कांत झा ने कहा कि मंगलवार को विधानसभा में मैथिली के सर्वांगीण विकास के चर्चा की गूंज मैथिली में उठना न सिर्फ आह्लादकारी है बल्कि यह मिथिला, मैथिली और मिथिलाक्षर के सर्वांगीण विकास के लिए चल रहे आंदोलनों के सशक्त होने का सहज प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने जिस प्रकार से मंगलवार को दलगत भावना से ऊपर उठकर मिथिला की धरोहर लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एकस्वर में आवाज बुलंद की है, यह निश्चित रूप से काबिले तारीफ है।
संस्थान के सचिव प्रो जीवकांत मिश्र ने कहा कि मैथिली एवं मिथिला से जुड़े प्रश्न पर चर्चा के दौरान थोड़ी देर के लिए पूरे सदन की भाषा मैथिली हो जाना न केवल इसकी ताकत को दर्शाता है बल्कि इस बात के लिए भी स्वाभाविक रूप से आगाह करता है कि मिथिला एवं मैथिली को उपेक्षित कर बिहार को विकास के रास्ते चलाने की बात करना बेमानी होगी।
मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने मिथिलाक्षर के संबंध में शिक्षा मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी पर एतराज जताते कहा कि हो सकता है कि वह जो कहना चाह रहे हों, वह नहीं कह पाए हों। लेकिन मंगलवार को मैथिलीमय हुए सदन को देखकर यह निश्चित लगता है कि ध्यान का आकर्षण जब मैथिली, मिथिला और मिथिलाक्षर के संरक्षण और संवर्धन के लिए ध्वनि मत से सदन में गूंजा है, तो यह मसला दूर तलक जाएगी। उन्होंने कहा कि मिथिला, मैथिली एवं मिथिलाक्षर के विकास का रोड मैप जानने के लिए मंगलवार को सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा किया गया गर्मजोशी का प्रदर्शन, निश्चित रूप से मिथिला, मैथिली एवं मिथिलाक्षर के स्वर्णिम भविष्य के लिए शुभदायक है। डॉ उदय कांत मिश्र, महानंद ठाकुर, डाॅ गणेश कांत झा, दुर्गा नन्द झा, प्रो चन्द्र शेखर झा बूढाभाई, आशीष चौधरी, नवल किशोर झा आदि ने भी मंगलवार को विधायकों के प्रदर्शन की सराहना की।
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