राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को लेकर 26 को एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण
– जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा प्रशिक्षण
-2016 में ही ध्रूमपान मुक्त हो चुका है जिला

मधुबनी जिले में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को सुदृढ़ करने के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण का आयोजन होगा। जिलाधिकारी अमित कुमार की अध्यक्षता में 26 फरवरी को उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण का आयोजन होगा। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को जिले में सख्ती से अनुपालन कराने के लिए पुलिस अधीक्षक, विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला परिषद अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, आरक्षी उपाधीक्षक सहित जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी शामिल होंगे। जिले को वर्ष 2016 में ही ध्रूमपान मुक्त किया जा चुका है।
तंबाकू सेवन से मुंह का कैंसर की संभावना रहती है :
एनसीडीओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया तंबाकू का किसी भी तरह से सेवन कैंसर का कारक बन रहा है। इसमें भी पान मसाले के साथ तंबाकू मिलाकर सेवन करना, खैनी खाने से मुंह के कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। यह युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित गैट्स 2 के सर्वे में बिहार में तम्बाकू सेवन करने वालों में कमी आने की बात है, यह आंकड़ा पिछले 7-8 साल में 53.5% से घट कर 25.9% हो गया है। जिसमें चबाने वाले तम्बाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 23.5% है।
यत्र तत्र थूकने से कोरोना संक्रमण अधिक :
एनसीडीओ डॉ. एस पी सिंह ने बताया तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बहुत हीं हानिकारक है। थूकना संक्रमण रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी यथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। भा.द.वि. (आईपीसी) की धारा 268 एवं 269 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरुद्ध कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह की कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।
तंबाकू चबाने वाले भी कोरोना वायरस से रहें सतर्क :
एनसीडीओ डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक तंबाकू चबाने वालों को गंभीर रोग जैसे- कैंसर, फेफड़े की गंभीर बीमारी और मधुमेह से ग्रसित होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। ऐसे में कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद तंबाकू चबाने वालों में गंभीर श्वसन संक्रमण रोग होने की संभावना रहती है।
फेफड़ों को प्रभावित करता है धूम्रपान:
धूम्रपान फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। धूम्रपान, ई-सिगरेट, धुआं, तंबाकू, पान मसाला और इस तरह के उत्पादों का उपयोग फेफड़ों के संक्रमण के जोखिम और गंभीरता को बढ़ा देते हैं।
कोविड-19 से बचाव के लिए इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान:
• मास्क का प्रयोग अवश्य करें
• हाथों को बार-बार पानी और साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें
• सहयोगियों से परस्पर दो गज की दूरी बनाकर रखें
• आगंतुकों से मिलते समय भी परस्पर दूरी रखें और बाचतीत के दौरान भी मास्क का प्रयोग आवश्यक है
• कार्य के दौरान अति आवश्यक वस्तु को ही छुएं
• सहकर्मियों से बात करें, अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखें
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