
पीजी के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा हैं मिथिला विश्वविद्यालय सीट खाली रहने पर भी नहीं लिया जा रहा नामांकन
मिथिला स्टूडेंट यूनियन के विश्वविद्यालय प्रभारी अमन सक्सेना ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया हैं इस बाबत एमएसयू विवि प्रभारी अमन सक्सेना ने कहा पिछले दो महीना से लगातार ज्ञापन सौंप पीजी में नामांकन के लिए दूसरी आवेदन तिथि घोषित करने का मांग किया था इधर पीजी डिपार्टमेंट के द्वारा सीआईए परीक्षा की तारिक़ 1 मार्च से घोषित कर दिया गया हैं दूसरी तरफ हजारों छात्र जो पीजी में नामांकन के लिए नयी आवेदन तिथि का इंतजार कर रहे थे वैसे छात्रों को अब उम्मीद टूटता नजर आ रहा हैं पीजी के आधे से ज्यादा विषयो में आधी से ज्यादा सीट खाली रहने पर भी आवेदन की नयी तिथि घोषित नहीं करना यह विश्वविद्यालय का तानासाही रवैया नजर आ रहा हैं अमन ने कहा डीएसडब्लू से जब भी इस बारे में वार्ता किया गया तो वो आश्वासन दिए की नयी तारिक़ घोषित किया जाएगा लेकिन आज 25 फ़रवरी होने को हैं इधर परीक्षा की तिथि भी घोषित कर दिया गया हैं अब साफ नजर आ रहा हैं की विश्वविद्यालय को छात्रों के जीवन का कोई परवाह नहीं हैं दूरस्थ शिक्षा बंद हो जाने के कारण इस बार पीजी में हजारों छात्र पहले ही नामांकन लेने से वंचित रह गए हैं इधर विश्वविद्यालय प्रशासन आश्वासन देने के बाबजूद भी अब तक नयी तारिक़ घोषित नहीं किया हैं और जिस तरह से समय बीतता जा रहा हैं इससे साफ नजर आ रहा हैं की विश्वविद्यालय सीट खाली रहते हुए भी नामांकन नहीं लेना चाहता हैं एमएसयू प्रभारी अमन सक्सेना ने कहा यह छात्र समाज के लिए सही नहीं होगा पार्ट 3 का रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग में डाल दिया गया था पेंडिंग क्लियर करवाते करवाते पीजी का नामांकन के लिए आवेदन तिथि समाप्त हो गयी थी जबकि गलती विश्वविद्यालय की थी जिसका खामियाजा आम बेगुनाह छात्रों को भुगतना पड़ा हैं डीएसडब्लू के आश्वासन के कारण हम लोग इस मुद्दे को लेकर आंदोलन भी नहीं कर सके लगा था आज ना कल नयी तारिक़ घोषित किया ही जाएगा लेकिन समय बीतता गया आश्वासन पर आश्वासन मिलता गया लेकिन नयी तारिक़ का घोषणा नहीं किया गया जब दो दिन पूर्व डीएसडब्लू अशोक कुमार झा से वार्ता किया गया तो कुलपति का आदेश का हवाला देकर आवेदन तिथि घोषित नहीं करने का बात उन्होंने कहा जो की विश्वविद्यालय प्रशासन का एक तानासाही रवैया हैं हमारी मांग थी की जो भी छात्र जिस विषय में नामांकन लेने के लिए आवेदन डाला था लेकिन सीट फुल हो जाने के कारण नामांकन नहीं ले सके वैसे छात्रों को सब्सिडरी विषय अनुसार नामांकन लिया जाए जिस पर भी डीएसडब्लू ने आश्वासन दिया था की ऐसा ही किया जाएगा लेकिन अब तक कुछ भी नहीं किया गया पिछले 3-4 महीना से पहले फेज के नामांकन प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया कोविड 19 के कारण शैक्षणिक सत्र पहले ही पीछे हो चूका हैं अगर 1 सप्ताह के लिए आवेदन की तिथि या फिर स्पॉट एडमिशन का भी मौका दिया जाए तो वंचित छात्र अपना पीजी में नामांकन करवा सकते हैं लेकिन विश्वविद्यालय की मनसा ऐसे छात्रों के साथ न्याय करने का नहीं लग रहा हैं जितना नामांकन हुआ हैं विश्वविद्यालय उन्ही छात्रों के साथ पीजी नामांकन लेकर समाप्त करना चाहता हैं जो की हजारों छात्रों के साथ अन्याय होगा हिन्दी उर्दू मैथिली संस्कृत राजनितिक विज्ञान मनोविज्ञान वनस्पति विज्ञान रसायन शास्त्र जैसे विषयो में पूर्णतः सीट खाली हैं और छात्र नामांकन लेने को इक्षुक हैं ऐसे में नयी तारिक़ का घोषित नहीं करना छात्र समाज के लिए सही नहीं होगा अगर नयी तारिक़ घोषित नहीं करना था तो आश्वासन क्यों दिया गया हमलोग कुलपति पर दबाब बनाने का काम करते लेकिन आश्वासन के कारण अब तक हमलोग आंदोलन भी नहीं कर सके इधर विश्वविद्यालय ने सीआईए परीक्षा की तारिक़ घोषित कर ऐसे छात्रों के साथ अन्याय करने का काम किया हैं अगर विश्वविद्यालय अपनी खाली परी हुई सीट पर नामांकन नहीं लेता हैं तथा सब्सिडरी विषय अनुसार छात्रों को नामांकन लेने का छूट नहीं दिया जाता हैं तो हमलोग विश्वविद्यालय में जोरदार आंदोलन को बाध्य होंगे जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
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