मधुबनी में कोविड-19 टीकाकरण के तृतीय चरण की शुरुआत
-प्रथम टीका दंपति राजकुमार प्रसाद सिन्हा एवं रूपा प्रसाद को लगाया गया
– 60 वर्ष से अधिक एवं कोर्बिडीटीएस से ग्रसित लोगों को दिया जाएगा टीका
– कोर्बिडीटीएस लाभार्थी को दिखाना होगा प्रमाण पत्र
– कोविड-19 की वैक्सीन है सभी के लिए सुरक्षित
– लाभार्थी स्वयं कर सकते हैं अपना निबंधन

मधुबनी कोविड महामारी से बचाव के लिए सोमवार 1 मार्च से तृतीय चरण के टीकाकरण की शुरुआत हुई | इस चरण में 60 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों का एवं 45 से 59 वर्ष के वैसे नागरिकों का टीकाकरण किया गया जो कोर्बिडीटीएस से ग्रसित हैं। वर्तमान में टीकाकरण की शुरुआत सदर अस्पताल मधुबनी तथा निजी क्षेत्र के मधुबनी मेडिकल कॉलेज में की गई है। तृतीय चरण में प्रथम टीका दंपत्ति राजकुमार प्रसाद सिन्हा उम्र 75 वर्ष तथा उनकी पत्नी रूपा प्रसाद उम्र 70 वर्ष कोतवाली चौक निवासी को लगाया गया। बता दें कि राज्य में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में हेल्थ केयर वर्कर एवं द्वितीय चरण में फ्रंटलाइन वर्कर को टीका लगाया गया है। टीकाकरण की सेवा प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों द्वारा आधार कार्ड प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित होगा।
कोर्बिडीटीएस लाभार्थी को दिखाना होगा प्रमाण पत्र
भारत सरकार द्वारा निर्धारित कोर्बिडीटीएस की सूची के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को पंजीकृत चिकित्सकों से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा, जिसे टीकाकरण का लाभ प्राप्त करते समय टीकाकरण दल को प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित होगा।
कोविड-19 की वैक्सीन है सभी के लिए सुरक्षित:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने कहा ने बताया कोविड का टीका सभी प्रमाणित प्रक्रिया से गुजरने का बाद ही स्वीकृत किया गया है और पूर्णतया सुरक्षित है। टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंध के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस किट एवं एईएफआई किट की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा इसके लिए सम्बंधित टीका कर्मी व चिकित्साकर्मी को प्रशिक्षण भी दिया गया है। सिविल सर्जन ने बताया टीकाकरण को लेकर केंद्र सरकार के निर्देशानुसार सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं । । 60 साल से ऊपर के लोगों को टीका लगेगा, तथा 45 से 59 वर्ष के वैसे नागरिकों का टीकाकरण होगा जो कोर्बिडीटीएस से ग्रसित हैं | 28 दिनों के अंदर फिर से लाभार्थी को टीका लेना होगा। तभी 45 दिनों के बाद उनमें इम्युनिटी लेवल बढ़ेगा।
कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों का पालन करते रहना होगा:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ने बताया कि टीकाकरण के बाद भी सरकार के गाइडलाइन के अनुसार कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों का पालन करते रहना होगा। स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लग जाने से उनके मनोबल में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वृहद स्तर पर आयोजित होने वाले टीकाकरण कार्य के लिए विशेष तैयारियों के साथ साथ कुशल प्रशिक्षण की जरूरत है, जिससे टीकाकरण कार्य को सही तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जा सके।
लाभार्थी स्वयं कर सकते हैं अपना निबंधन :
लक्षित नागरिक टीकाकरण की सेवा प्राप्त करने हेतु स्वयं ऑनलाइन निबंधन कर सकते हैं अथवा चिह्नित संस्थानों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर कोविड-19 टीकाकरण की सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। निबंधन हेतु लाभार्थी के पास अपना मोबाइल नंबर एवं सरकार द्वारा अनुमान्य प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। लाभार्थी के पंजीकरण के लिए उसके मोबाइल पर ओटीपी आएगा जिसके प्रविष्टि पर उसका निबंधन पोर्टल कोविन 2.0 पर सफलतापूर्वक निबंधन होगा। निबंधन के उपरांत पोर्टल पर लाभार्थी अपने निकटतम कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का चयन कर सकते हैं एवं इसके लिए टीकाकरण की तिथि का निर्धारण उपलब्ध सूची में से चयन करने की सुविधा उपलब्ध है।
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एसके विश्वकर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दयाशंकर निधि, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद,केयर इंडिया के डिटीएल महेंद्र सिंह सोलंकी, यूनिसेफ एसएमसी प्रमोद कुमार झा, यूएनडीपी के कोल्ड चैन मैनेजर अनिल कुमार, पाथ के जिला समन्वयक मुन्ना यादव, चंचल कुमार आदि उपस्थित थे.
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