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दरभंगा के डीएमसीएच परिसर में ऑक्सीजन लिक्विड प्लांट का निर्माण शुरू

दरभंगा के डीएमसीएच परिसर में ऑक्सीजन लिक्विड प्लांट का निर्माण शुरू

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के निर्देश से अस्पताल परिसर में लगाएं जाएंगे चार ऑक्सीजन प्लांट

 


दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (डीएमसीएच) के एनिस्थिसिया विभाग परिसर में ऑक्सीजन लिक्विड प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लगातार हो रही हे बारिश के कारण फिलहाल निर्माण कार्य में मे परेशानी हो रही है। प्लांट बनने के बाद ऑक्सीजन के लायक गंभीर मरीजों को कृत्रिम सांस के लिए सीधे (डायरेक्ट पा पाइप लाइन से जोड़ दिया जायेगा। इस दौरान बार- बार ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के मंत्री मंगल पांडेय के निर्देश से अस्पताल परिसर में चार प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। इसके तहत दो 20- 20 हजार क्षमता वाले ली दो प्लांट लगाये जायेंगे। इसके अलावा कम क्षमता के दो प्लांट ओपीडी व आइसोलेशन परिसर में लगाने की बात कही जा रही है, ताकि संभावित कोरोना की के तीसरी लहर के मद्देनजर किसी प्रकार की ऑक्सीजन की कमी की समस्या से नहीं जूझना पड़े। उधर अस्पताल प्रशासन की ओर से शिशु विभाग, आपातकालीन, ओपीडी व चिह्नित चिन्हित वार्डों में ऑक्सीजन पाइप लाइन लगाने को लेकर बीएमएसआईसीएल को पत्र लिखा गया है। वहीं एनिस्थिसिया परिसर में निर्माणाधीन प्लांट के निरीक्षण को लेकर विभागीय अधिकारी यहां पहुंचेंगे। उसके बाद प्लांट के निर्माण कार्य में और तेजी लायी जायेगी। दरभंगा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ केएन मिश्रा ने बताया डीएमसीएच परिसर में चार- चार ऑक्सीजन प्लांट बनने हैँ। इसे लेकर कागजी प्रक्रिया की जानी है। कहा प्लांट बन जाने के बाद वार्ड व आईइसीयू में इलाजरत गंभीर मरीजों को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जायेगी। इसके लिये ऑक्सीजन पाइप लाइन लगाने को लेकर बीएमएसआईसीएल से संपर्क किया गया है।
निर्माण कार्य पूरा होने पर सिलेंडर पर निर्भरता होगी कम
डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. मणिभूषण शर्मा ने बताया ऑक्सीजन प्लांट बन जाने के बाद सम्बंधित मरीज़ों को उनके बेड तक ऑक्सीजन मुहैया कराई जा सकेगी। पहले उनको ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से कृत्रिम सांस दी जाती थी। कई बार ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के दौरान समस्या हो जाती थी। लेकिन अब यह कठिनाई दूर हो जाएगी। बताया कि की प्लांट के माध्यम से निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई आईसीयू व वार्ड में किये जाने से मरीज़ों के मृत्यु दर में भी कमी आने की पूरी सम्भावना है। साथ ही चिकित्सा व्यवस्था में भी अपेक्षित सुधार हो सकेगा। सिलेंडर बदलने की समस्या से निजात मिल जाएगी गा। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह तैयार है। खासकर संभावित कोरोना के तीसरे चक्र को लेकर अस्पताल प्रशासन सतर्क है। इसके लिए सभी चिकित्सक व कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।

कई दिनों के बाद डीएमसीएच में भर्ती किये गये कोरोना के पांच मरीज:
डीएमसीएच में कई दिनों के बाद कोरोना के पांच नये मरीज को भर्ती कराया गया है। मरीजों को इलाज के लिये आइसोलेशन वार्ड व आइसीयू में भेज दिया गया है। कोरोना वार्ड में 18 व आईइसीयू में पांच मरीज भर्ती हैं। इस प्रकार रविवार की शाम तक कुल 23 मरीज इलाजरत थे, जबकि शनिवार को 23 मरीज उपचाराधीन थे। अस्पताल प्रशासन की मानें तो गत 10- 15 दिनों से कोरोना के इक्का- दुक्का मरीज ही आते थे। लेकिन रविवार को गत 24 घंटों में पांच नये मरीज आने से चिंता बढ़ गयी है। चिकित्सकों ने बताया कि अनलॉक के दौरान फिर से लापरवाही बरती जा रही है। इस स्थिति में कोरोना की के तीसरी लहर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इससे बचाव के लिये लोगों लोगो को हर हाल में कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करना जरूरी है। नहीं तो स्थिति फिर से बिगड़ सकती है। बताया जिला प्रशासन की ओर से भी प्रोटोकॉल के अनुपालन को लेकर शिथिलता बरती जा रही है। इसे लेकर किसी प्रकार की चेकिंग नजर नहीं आ रही है. लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। ऐसा देखा गया है कि बाजार व सड़कों पर अनावश्यक रूप से भीड़ लगी रहती है। इसको रोकने के लिये कोई भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं रहते हैं। वहीं आमजन भी कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन को लेकर संजीदा नहीं दिख रहे हैं है। परिणामस्वरूप एक बार फिर डीएमसीएच में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने पर चिकित्सकों की चिंता जायज है। डॉक्टरों की ओर से आमजन को कोरोना संक्रमण को लेकर सदैव सचेत रहने को कहा गया है।

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