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गर्भावस्था में टीकाकरण से सिर्फ मां ही नहीं, बच्चे को भी मिलेगी संक्रमण से सुरक्षा: डॉ सीमा अजित कुमार सिंह की रिपोर्ट

गर्भावस्था में टीकाकरण से सिर्फ मां ही नहीं, बच्चे को भी मिलेगी संक्रमण से सुरक्षा: डॉ सीमा

-बिना किसी सन्देह गर्भवती महिलाएं कोरोना से बचाव का लें टीका


दरभंगा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तमाम अध्ययनों में वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी और आवश्यक उपाय बताया जा रहा है। अध्ययनों से मिले सकारात्मक परिणाम के आधार पर हाल ही में सरकार ने देश में गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकारण कराने की अनुमति दे दी है। हालांकि अब भी तमाम तरह के डर के कारण ज्यादातर गर्भवती महिलाएं वैक्सीनेशन कराने से डर रही हैं। इस बीच गर्भावस्था में कोविड वैक्सीन के प्रभावों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम को बेहद महत्वपूर्ण बात पता चली है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि गर्भावस्था के दौरान कोविड वैक्सीन लेने वाली महिलाएं, शिशु में उच्च स्तर की एंटीबॉडी पास कर सकती हैं। मतलब वैक्सीन न सिर्फ उस महिला में कोविड के खतरे को कम करती है, साथ ही यह गर्भस्थ शिशु को भी कोरोना से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकती है। डीएमसीएच के गायनी विभाग की डॉ सीमा कुमारी ने बताया कि जिस तरह के परिणाम देखने को मिले हैं, इसे ध्यान में रखते हुए सभी गर्भवती महिलाओं को वैक्सीनेशन जरूर करा लेना चाहिए। बच्चे को कोरोना से सुरक्षित रखने में यह बेहद सहायक हो सकता है।

गर्भवती के टीकाकरण से शिशु को भी लाभ
डॉ कुमारी ने कहा कि एक शोध में पाया कि वैक्सीन प्रभावशीलता, उच्च मात्रा में एंटीबॉडी और ब्लड प्रोटीन व्यक्तियों को संक्रमण से बचाने में सक्षम हैं। बताया मां के वैक्सीन लगवाने से बच्चे भी सुरक्षित हो सकते हैं। इस बारे में जानने के लिए अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम को अच्छे और सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड वैक्सीन, मां और गर्भस्थ शिशु, दोनों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकती है।

टीकाकरण से प्राप्त एंटीबाडीज से फायदा
डॉ सीमा ने बताया मां से शिशु को मिलने वाली एंटीबॉडी के बारे में जानने के लिए अध्ययनकर्ताओं ने शिशुओं पर अध्ययन किया। इनकी माताओं को गर्भावस्था के दौरान वैक्सीन लगाई गई थी। अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने पाया कि शोध में शामिल सभी बच्चों में जन्म के समय सुरक्षात्मक एंटीबॉडी मौजूद थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि टीकाकरण करा चुकी गर्भवती, बच्चों में कोरोना से सुरक्षा देने वाली एंटीबॉडीज पास कर सकती है। बताया कि यदि गर्भावती मां का टीकाकरण हो जाए तो बच्चों में एंटीबॉडीज पहुंच सकती है। अगर बच्चे एंटीबॉडी के साथ पैदा होते हैं, तो यह उनके जीवन के पहले कुछ महीनों में कोरोना जैसे गंभीर संक्रमण से उन्हें सुरक्षा देने में बेहद सहायक हो सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराना चाहिए।

गर्भवती महिलाएं भी ले रही टीका
डॉ सीमा ने कहा अब गर्भवती महिलाएं भी बढ़ चढ़ कर टीकाकरण अभियान में भाग ले रही हैं। हालांकि कुछ जगहों पर अभी भी गर्भावस्था में टीका लेने से परहेज करती हैं। जबकि गर्भावस्था में टीकाकरण सुरक्षित है। इसे लेकर जागरूकता ज़रूरी है। टीकाकरण अभियान में समाज सेवी, स्वास्थ्य कर्मी, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवियों के सहयोग से इन महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।

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