स्वास्थ्य विभाग की रिफ्यूज रिस्पांस टीम से कई गांव टीकाकरण से पूर्णत: आच्छादित
•लोगों की भ्रांतियां दूर करने में सहायक हो रही है रिफ्यूज रिस्पांस टीम
•सामाजिक बैठक कर लोगों को किया जा रहा है जागरूक

मधुबनी जिले में कोरोना से सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के सफल संचालन में कई चुनौती व भ्रांतियां भी सामने आ रही हैं। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर घर दस्तक अभियान के तहत हर घर पहुंचकर वंचित लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। वहीं लोगों की भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रिफ्यूजल रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। जिसके तहत लोगों की भ्रांतियों को दूर करके टीकाकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाबूबरही प्रखंड के बौसा गांव में पहुंचकर 80% से अधिक लोगों का टीकाकरण किया। बौसा ग्राम में टीकाकरण से इंकार कर रहे लोगों से मिलकर उनके बीच कोविड- 19 टीका के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास आरंभ किया गया। सबसे पहले सामाजिक बैठक कर बुद्धिजीवियों, स्थानीय प्रतिनिधि, धार्मिक गुरुओं को इकट्ठा किया गया। इस क्रम में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कई प्रकार के प्रश्न पूछे गये। टीम ने उनके सभी प्रश्नों को संयम के साथ सुनी एवं इन प्रश्नों को उतने ही संयम के साथ बारी-बारी से उत्तर दिया। कई घरों में सैकड़ों की संख्या में पात्र लाभुक थे। जो अब तक कोविड- 19 टीका का एक भी खुराक नहीं लिये थे। उक्त गांव के 40 से अधिक घरों में लोगों का टीकाकरण किया गया। दूसरे दिन छूटे हुए लोगों को कैंप लगाकर सभी लोगों का टीकाकरण किया गया। अब यह गांव पूर्णत: कोविड-19 टीका से आच्छादित हो चुका है। उसी दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम फुलपरास प्रखंड के नवटोल ग्राम में पहुंची और अब तक टीकाकरण से वंचित 45 से अधिक घरों में टीकाकरण किया गया तथा लोगों की भ्रांतियों को दूर किया गया। वहीं फुलपरास प्रखंड के ही गोरियारी गांव के वार्ड संख्या 1,2,3 में 60 से 70% रिफ्यूजल घरों में टीकाकरण किया गया जो रात के 8:00 बजे तक जारी रहा। इस अभियान में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का टीकाकरण किया गया।
टीकाकरण अभियान में भ्रांतियां को दूर करने की जरूरत:
सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया टीकाकरण के प्रति समाज में शहरी क्षेत्र के अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी एवं जागरूकता की कमी के कारण भ्रांतियां अधिक हैं। इन भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है । उन्होंने बताया टीकाकरण अभियान की शुरुआत से कुछ लोगों में यह भ्रांतियां थी कि टीका लगवाने के बाद लोग संक्रमित हो जाते हैं,बुखार आ जाएगा, बीमार पड़ जाएंगे, वैक्सीन के जरिए शरीर में कोरोना वायरस डाला जाता है, टीका लगने से कोरोना हो जाता है;। ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण की राह में कुछ इस तरह की अफवाह और भ्रांतियां फैली हुई हैं जो अभियान की राह में रोड़ा बन रहे हैं। इस जाल को जागरूकता के हथियार से विभाग द्वारा काटने का प्रयास किया जा रहा है । स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया इन भ्रांतियों को सामूहिक प्रयास से दूर करने की जरूरत है।
मौके पर केयर इंडिया के डीटीएल महेंद्र सिंह सोलंकी, लैब टेक्नीशियन इस्माहतुल्लाह उर्फ गुलाब व अन्य स्वास्थ कर्मी उपस्थित रहे।
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