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नवजात के जन्म के बाद चिकित्सकीय जांच को लेकर अब नहीं जाना होगा शिशु विभाग ajit कुमार सिंह की रिपोर्ट

नवजात के जन्म के बाद चिकित्सकीय जांच को लेकर अब नहीं जाना होगा शिशु विभाग

-डीएमसीएच के गायनी विभाग में नवजात की चिकित्सा के लिए मेडिकल ऑफिसर की हुई प्रतिनियुक्ति
-मरीज व परिजनों ने कहा- अस्पताल प्रशासन की इस सराहनीय पहल से मिल रहा लाभ

Ajit कुमार सिंह की रिपोर्ट

दरभंगा डीएमसीएच के गायनी विभाग में नवजात के जन्म के बाद तुरंत चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन ने सराहनीय कदम उठाया है। अधीक्षक हरिशंकर मिश्रा की ओर से उठाए गए इस कदम से मरीज व परिजनों को सुविधा मिल रही है  नवजात के जन्म के बाद तुरंत उसे चिकित्सा दी जा रही है। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओमप्रकाश की प्रतिनियुक्ति की गई है  रोजाना दर्जनों मरीज व परिजन इससे लाभान्वित हो रहे हैं। महिला मरीजों के परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से यह सराहनीय कदम उठाया गया है अब नवजात के जन्म के बाद तुरंत चिकित्सा मिल रही है। पहले नवजात को डाक्टर से परामर्श के लिए गायनी विभाग से सैकड़ों मीटर दूर शिशु विभाग ले जाना पड़ता था अब यह समस्या दूर हो गई है।
अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था से खुश हैं रिंकू के परिजन-
बेनीपुर से आई रिंकू देवी को बीते सोमवार को गायनी विभाग में भर्ती कराया गया। गत बुधवार की सुबह प्रसव के बाद नवजात का जन्म हुआ  उसके उपरांत महिला चिकित्सकों ने नवजात की चिकित्सा को लेकर शिशु रोग विशेषज्ञ से मिलने की सलाह दी अस्पताल की नई व्यवस्था के अनुसार अब इसी विभाग में ही शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम प्रकाश मौजूद रहते हैं तुरंत नवजात को दिखाया गया।

डॉ प्रकाश ने बच्चे की चिकित्सकीय जांच की  परीक्षण के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ने कहा बच्चा बिल्कुल स्वस्थ्य है। रिंकू के पिता ने बताया इस सुविधा से बहुत फायदा मिला है  अब किसी भी समय जन्म के बाद नवजात को यहीं चिकित्सकीय जांच की सुविधा मिल रही है इससे सभी परिजन खुश हैं।
तेज़ धूप व ठंड में बच्चों को ले जाने में होती थी दिक्कत-
गायनी विभाग में इलाजरत मरीज के परिजनों ने बताया कि इससे पहले नवजात की चिकित्सा में बहुत परेशानी होती थी तेज धूप व कंपकपाती ठंड में नवजात को कपड़ों में लिपटा कर शिशु भाग ले जाने में बहुत परेशानी होती थी। इस कारण कई बार कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा थोड़ी सी चूक होने पर नवजात की तबीयत खराब हो जाती थी , लेकिन अब यह परेशानी दूर हो गई है।
नवजात के जन्म के बाद तुरन्त चिकित्सकीय परीक्षण की आवश्यकता-
डीएमसीएच अधीक्षक डॉ एचएस मिश्रा ने बताया कि गायनी विभाग में नवजात के जन्म के बाद तुरंत चिकित्सा की जरूरत पड़ती है। इसे लेकर यह पहल की गई है, ताकि नवजात को तुरंत चिकित्सा मिल सके  आशा है इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा  नवजात की मृत्यु दर में कमी होने की संभावना भी जताई गई है।

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