सम्मेलन के बहाने मां जानकी के ससुराल की ‘ठांव-पीढ़ी’ देखेंगे मिथिला वासी
जानकी जन्मभूमि के संरक्षण सहित मैथिली को संवैधानिक अधिकार दिलाने पर होगा विशेष जोर

मैथिली अधिकार दिवस के रूप में दो दिवसीय 19वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन की शुरुआत 22 दिसंबर को श्रीअयोध्या धाम के बड़ा भक्तमाल जी की छावनी स्थित ‘कौशलेंद्र कथा मंडपम’ में आयोजित होगा. सम्मेलन की शुरुआत 22 दिसम्बर की प्रातः बेला में पारंपरिक मैथिल परिधान में भव्य शोभायात्रा के साथ होगी. जबकि संध्या बेला में मंगलाचरण के साथ उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा. मिथिला-मैथिली के उत्कर्ष विषयक विचार गोष्ठी, मिथिला रत्न सम्मान समारोह एवं विशाल संत समागम के साथ विद्यापति संगीत मिथिलावासी एवं अवध निवासी दर्शकों के विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगे. शुक्रवार को एमएलएसएम कालेज के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी देते हुए विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि लगातार दो दिनों तक श्रीअयोध्या धाम में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में मिथिला वासी एवं प्रवासी मैथिल भाग लेंगे. सम्मेलन में विशेष रूप से संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल होने के 18 साल बीतने के बाद भी इसे अब तक यथोचित संवैधानिक अधिकार नहीं मिलने के कारणों की पड़ताल किए जाने के साथ ही आगे की रणनीति तैयार की जाएगी. उन्होंने कहा कि मां जानकी की जन्मभूमि के लोग इस सम्मेलन के बहाने उनके ससुराल की ‘ठांव-पीढ़ी’ देखेंगे.
उन्होंने बताया कि दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मणिकांत झा के संचालन में होने वाली मिथिला-मैथिली के उत्कर्ष विषयक संगोष्ठी में वासी एवं प्रवासी प्रतिभागी जहां अपने रचनात्मक विचार रखेंगे वहीं हरिश्चंद्र हरित के संयोजन में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मिथिला एवं मैथिली के विभिन्न आयामों पर केंद्रित स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाएगा. स्मारिका का प्रबंध संपादक मैथिली के विद्वान एवं चंद्रधारी मिथिला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डा फूलो पासवान को बनाया गया है, जबकि इसके संपादन एवं सह-संपादन का कार्य डॉ महेंद्र नारायण राम एवं प्रवीण कुमार झा की देखरेख में हो रहा है. उन्होंने बताया कि संस्थान के सचिव प्रो जीव कांत मिश्र के संयोजन में दोनों दिन आकर्षक विद्यापति संगीत कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा. इसमें मैथिली मंच के दर्जनों शीर्षस्थ कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे. उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए मिथिला के विभिन्न इलाकों से जाने वाले प्रतिनिधि 20 दिसंबर की सुबह साबरमती एक्सप्रेस से गंतव्य के लिए प्रस्थान करेंगे.
प्रेस वार्ता में मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने मिथिला एवं अयोध्या के बीच के मधुर संबंधों को रेखांकित करते हुए 19 वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के आयोजन के उद्देश्यों को विस्तार से बताया. साहित्यकार मणिकांत झा ने कहा कि यह आयोजन मिथिला और अयोध्या के संबंधों को जीवंत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा. सचिव प्रो जीव कांत मिश्र ने कहा कि यह आयोजन सीता के मायके एवं ससुराल के बीच के संबंध को और भी प्रगाढ़ स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के अध्यक्ष डा महेन्द्र नारायण राम ने कहा कि ब्रजभूमि वृन्दावन के बाद मैया सीता के ससुराल और मर्यादा पुरुषोत्तम पाहुन राम की जन्म भूमि अयोध्या में आयोजित हो रहा यह आयोजन अनेक रचनात्मक कीर्तिमान गढ़ेगा. मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने कहा कि इस कार्यक्रम के बहाने आम मिथिलावासी को पाहुन राम की जन्मभूमि को करीब से देखने का अवसर मिलने के साथ ही मां जानकी की जन्मभूमि के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति उत्कंठा जगेगी.
प्रेस वार्ता के दौरान हिंदी के मूर्धन्य विद्वान डॉ प्रभाकर पाठक को संस्थान की ओर से मिथिला विभूति सम्मानोपाधि प्रदान करने के साथ ही भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद एवं अमर शहीद खुदीराम बोस की जयंती के उपलक्ष में उनके चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई. प्रेस वार्ता में हरिश्चंद्र हरित, विनोद कुमार झा, प्रो विजय कांत झा, चन्द्रशेखर झा बुढा भाई, डॉ अमरकांत कुमर, मिथिलेश झा, आशीष चौधरी, पुरुषोत्तम वत्स आदि ने भी अपने विचार रखे.
ऐतिहासिक होगा मिथिला विभूति पर्व का स्वर्ण जयंती समारोह
————–
अगले साल 6 से 8 नवंबर 2022 तक आयोजित होने वाले मिथिला विभूति पर्व के स्वर्ण जयंती वर्ष समारोह के आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करते हुए इसे इंद्र भवन मैदान में आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया कि इस अभूतपूर्व आयोजन का स्वागत अध्यक्ष बिहार सरकार के कबीना मंत्री संजय कुमार झा को बनाया गया है.जबकि अनेक गणमान्य व्यक्ति इसकी आयोजन समिति में शामिल किए गए हैं. उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मिथिला के पारंपरिक परिधान, लोक कला और व्यंजन के साथ ही ऐतिहासिक धरोहरों का झांकियों एवं प्रदर्शनी के माध्यम से अभूतपूर्व प्रदर्शन किया जाएगा.
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal