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Darbhanga विश्वविद्यालय बचाओ-उच्च शिक्षा बचाओ अभियान के तहत सिनेट घेराव के माध्यम से समर्पित मांग पत्र

विश्वविद्यालय बचाओ-उच्च शिक्षा बचाओ अभियान के तहत सिनेट घेराव के माध्यम से समर्पित मांग पत्र


साग्रह पूर्वक कहना है कि पूर्व सूचना के तहत आज 22 दिसम्बर को आॅल इंडिया स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन (आइसा) ल.ना.मि.वि.वि.के बैनर तले विवि मे आयोजित सिनेट घेराव के माध्यम से हम निम्नलिखित मागों पर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूँ:-
हमारी मांगे:-
(1) विवि में शैक्षणिक व प्रशासनिक अराजकता पर रोक लगाई जाए। तथा बदले की भावना से करवाई करना बंद किया जाय। व विवि से महाविद्यायल तक आधारभूत सरंचना(पेेयजल, शौचालय, प्रयोगशाला, पुस्तकालय इत्यादी) को दुरुस्त किया जाय।
(2) सीएम लॉ कॉलेज में अभिलम्भ नामांकन को चालू करवाया जाए।
(3) दूरस्थ शिक्षा निदेशालय को चालू करने के लिए सीनेट से प्रस्ताव पारित कर राज्य व केंद्र सरकार को भेजा जाए। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में हो रही बड़े पैमाने पर धांधली की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए निदेशक, उप निदेशक, सह निदेशक के कार्यकाल की भी जांच कराई जाए।
(4) विवि में एक लोगो को कई विभाग का पदभार देना बंद किया जाय। और विवि के सभी पदों पर योग्य लोगो को जिम्मेवारी दिया जाय।
(5) समय पर परिक्षा व समय पर परिणाम देने की गांरटी किया जाय।
(6) विवि का सत्र नियमित किया जाय। साथ ही विवि में सरकारी डाटा सेंटर का स्थापना किया जाय। जिससे कि विवि का डाटा सुरक्षित हो सके।
(7) विवि हिंदी विभाग के पूर्व सहायक प्राध्यापक डॉ अखिलेश कुमार जिस पर विवि आईसीसी कमिटी द्वारा करवाई का रिपोर्ट दिया गया है लेकिन आज तक कोई करवाई नही हुई। अभिलम्भ करवाई की गारंटी किया जाय।
(8) महिला कॉलेज बेगूसराय में कॉमर्स फेकेल्टी और सोशियोलॉजी और ए आई एच एवं जॉग्रॉफी में ग्रेजुएशन की पढ़ाई, व सभी विषयों से पीजी की पढ़ाई शुरू करवाई जाए।।
(9) जीडी कॉलेज बेगूसराय में बने विस्तार केंद्र को सुनियोजित तरीके से चालू करवाई जाए।
(10) स्नातकोतर हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र साह की पत्नी डॉक्टर पूनम कुमारी के पीएचडी थीसिस की जांच की जाय। जिसको राजेंद्र साह ने ही अपनी एक पुस्तक से लिखा है और कारवाई की जाय।
(11) वोकेशनल कोर्स को संचालित करने के लिए उसी कोर्स के जानकार को ही विभागाध्यक्ष कि जिम्मेवारी दिया जाय। ताकि उस कोर्स का सही तरीके से संचालन हो सके और विभगाध्यक्ष भी वर्ग ले सके।
(12) समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर के पूर्व प्रोफेसर इंचार्ज डॉ० आलमगीर के कार्यकाल की जांच कराई जाए तथा शैक्षणिक-प्रशासनिक अराजकता के दोषी प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. सत्येंन कुमार को बर्खास्त कर स्थाई प्रधानाचार्य नियुक्त की जाए।
(13) समस्तीपुर के कॉलेजों में बनी महिला छात्रावास को छात्रों के लिए शुरू कराई जाए तथा भवन की कमी वाले महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय एवं सरकार के माध्यम से भवन निर्माण के लिए फंड उपलब्ध कराई जाए।
(14) विश्वविद्यालय से जारी होने वाले प्रमाणपत्र के लिए एक समय सीमा का निर्धारण कर छात्र-छात्रो को समय पर प्रमाण पत्र उपलबद्ध कराई जाय।
(15) शिक्षक-कर्मचारी का वेतन व पेंशन का भुगतान समय से किया जाय। तथा अतिथि शिक्षकों के स्थायी नियोजन के लिए सीनेट से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजा जाय।
(16) दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में नई नामांकन आरंभ होने तक अति आवश्यक कर्मियों को छोड़कर अन्य कार्यरत कर्मियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न शाखाओं, विभागो अथवा अंगीभूत महाविद्यालयो में कार्य लिया जाय तथा वेतन निदेशालय कोष से किया जाय एवं इस आशय की सूचना राज्य सरकार अथवा राज्यपाल सचिवालय बिहार को दिया जाय।
(17) दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में कार्यरत कर्मियों की सेवा सामंजन विश्वविद्यालय के रिक्त पदों पर करने का प्रस्ताव पारित किया जाय तथा इस आशय की सूचना राज्य सरकार एवं राज्यपाल सचिवालय, बिहार को दिया जाय।
(18) सम्बद्ध महाविद्यालय संघर्ष समिति के नेताओ से वार्ता कर उनके मांगो को अविलम्ब पूरा किया जाय।
(19) मिथिला विवि के सम्पति को बचाया जाए। विवि की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए जमीन का घेराबंदी करवाया जाय।

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