डीएमसीएच बचाओ दरभंगा एम्स बनाओ अभियान समिति ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
दरभंगा में समाधान यात्रा के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन पर डीएमसीएच बचाओ दरभंगा एम्स बनाओ अभियान समिति मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा है। मांग पत्र सौंपने वालों में अभियान समिति के संयोजक उमेश राय, सीपीआई के सहायक जिला मंत्री राजीव कुमार चौधरी, जिला मंत्री नारायण जी झा, सीपीआई के सहायक जिला मंत्री राम नरेश राय, राज्य परिषद सदस्य सुधीर कुमार साह, हम सेकुलर पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज सदा, कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष सीताराम चौधरी, भाकपा माले के नेयाज अहमद, देवेंद्र कुमार आदि थे।
अभियान समिति के सदस्यों ने अपने मांगों में कहा कि दरभंगा एम्स का निर्माण डीएमसीएच के परिसर में ना करके मौजे-बलिया, अंचल -बहादुरपुर, जिला दरभंगा एनएच 57 के बगल में उपलब्ध सरकारी गैर मजरूआ आम जमीन में कराया जाऐ। उन्होंने मांग के द्वारा बताया कि दरभंगा एम्स का निर्माण उत्तर बिहार सहित तड़ाई नेपाल में निवास करने वाले व्यक्तियों की चिर-प्रतीक्षित अभिलाषा एवं माँग रही है और इसकी उपादेयता को महसूस करते हुए सरकार द्वारा वर्ष 2019 में दरभंगा एम्स के निर्माण की घोषणा की गई। दरभंगा एम्स के निर्माण हेतु स्थल चयन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई और बगैर गहन एवं सम्यक विमर्श के डीएमसीएच के परिसर में दरभंगा एम्स की निर्माण की मंजूरी दे दी गई। दरभंगा एम्स का निर्माण डीएमसीएच परिसर में होने से उत्तर बिहार एवं तराई नेपाल की लाइफ लाइन कही जाने वाली डीएमसीएच का अस्तित्व संकटग्रस्त हो गया है क्योंकि डीएमसीएच को उपलब्ध कुल 227 एकड़ जमीन में से 4 एकड़ जमीन नर्सिंग स्कूल एवं हॉस्टल को, 4 एकड़ जमीन पावर ग्रिड के अतिथि गृह को तथा 3 एकड़ जमीन सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल को पहले ही दी जा चुकी है और शेष बची 216 एकड़ जमीन में से 202.02 एकड़ जमीन दरभंगा एम्स को आवंटित करने की प्रक्रिया चल रही है। इस तरह इस आवंटन के पश्चात डीएमसीएच को मात्र 14 एकड़ जमीन बच जाती है जो इसकी मान्यता को बरकरार रखने के लिए नाकाफी है। डीएमसीएच परिसर में दरभंगा एम्स का निर्माण होने से यातायात के भारी बोझ तले पूर्व से दबे दरभंगा शहर पर जनसंख्या का अतिरिक्त दबाव बढेगा। जिसके नियंत्रण हेतु प्रस्तावित उर्ध्वमुखी सड़क के फ्लाईओवर एवं रेल ओवरब्रिज के निर्माण पर लगभग 5000 करोड़ की राशि के व्यय का अनुमान है। जिसका अनावश्यक दबाव सरकारी कोष पर पड़ेगा। यदि दरभंगा एम्स का निर्माण मौजे-बलिया, अंचल-बहादुरपुर, जिला दरभंगा में दरभंगा-मुजफ्फरपुर एनएच 57 के बगल में उपलब्ध 250 एकड़ में फैली सरकारी गैर मजरूआ आम जमीन जो खुला हरित क्षेत्र है में होता है तो उपयुक्त सारी समस्याओं का निदान स्वतः हो जाएगा। साथ ही एनएच 57 के बगल में उक्त स्थल मौजा बलिया पर दरभंगा एम्स का निर्माण होने से दरभंगा हवाई अड्डा 7 किलोमीटर सहित बनारस से लेकर दिल्ली तथा संपूर्ण उत्तर बिहार के लोगों की पहुंच आसान हो जाएगी और सरकारी राजस्व पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा। मौजे-बलिया, अंचल-बहादुरपुर दरभंगा में दरभंगा एम्स का निर्माण होने से नए क्षेत्रों में विकास एवं रोजगार के अवसर का सृजन होगा तथा समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। अस्तु वर्णित तथ्यों के आलोक में मुख्यमंत्री से सादर अनुरोध किया है कि दरभंगा एम्स दरभंगा शहर के ही दूसरे छोर पर दरभंगा एम्स का निर्माण मौजे-बलिया, अंचल-बहादुरपुर दरभंगा में एन एच 57 के बगल में उपलब्ध सरकारी गैर मजरूआ जमीन में कराना चाहिए ।
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