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पुलिस एवं बचपन बचाओ आंदोलन की भूमिका रही अहम, लगभग दो महिना बाद बच्चा लौटा घर वापस, बाल मजदूरी के उद्देश्य से 15 वर्ष के बच्चे की हुई थी तस्करी

पुलिस एवं बचपन बचाओ आंदोलन की भूमिका रही अहम, लगभग दो महिना बाद बच्चा लौटा घर वापस, बाल मजदूरी के उद्देश्य से 15 वर्ष के बच्चे की हुई थी तस्करी


सीतामढ़ी: बाल मजदूरी कराने के उद्देश्य से सीतामढ़ी जिला के बथनाहा थाना क्षेत्र के रूपौली गांव से एक 15 वर्षीय नाबालिक बालक की तस्करी माता-पिता के बिना सहमति के बाल श्रम करवाने के उद्देश्य से बहला-फुसलाकर एवं झांसा देकर मद्रास में बारह जनवरी को गांव के ही तीन लोगों द्वारा की गई थी , जिसके बाद माता पिता अपने बच्चे की घर वापसी के लिए बहुत चिंतित थे, लेकिन बच्चा लगभग दो महीने बाद घर लौटा हैं जिसे देख गरीब माता पिता के चेहरे पर लगभग दो महीने बाद मुसकान लौटी हैं। विदित हो कि बच्चे के घर वापसी के लिए बच्चे की माता ने बचपन बचाओ आंदोलन से बच्चे को मुक्त करवाने में सहियोग की मांग की, सूचना मिलते ही बचपन बचाओ आंदोलन के मुकुंद कुमार चौधरी ने पुलिस उपाधीक्षक सह नोडल विशेष किशोर पुलिस इकाई सीतामढ़ी राकेश कुमार रंजन से बच्चे को मुक्त करवाने का अनुरोध किया । बथनाहा थाना अध्यक्ष ने बच्चों को मुक्त करवाने हेतु त्वरित मामला पर संज्ञान लेते हुए बच्चे की माता के आवेदन पर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर बच्चे को मुक्त करवाने हेतु पुलिस करवाई कर रही थी ,जिसके उपरांत बच्चा लगभग दो महीने बाद घर स्वय वापस लौटा है, पुलिस मामले में नियामानूसार करवाई कर रही है।

बाल तस्करी से मुक्त होकर शिक्षा ग्रहण कर रहे है बच्चे

बीते वर्ष सीतामढ़ी जिला के सोनबरसा एवं बेला थाना क्षेत्र में भी बाल श्रम के उद्देश्य से अन्य राज्यों में 3 बच्चों की तस्करी की गई थी लेकिन बचपन बचाओ आंदोलन की पहल एवं सीतामढ़ी पुलिस के द्वारा की गई कार्रवाई से तीनों बच्चों को सकुशल मुक्त करवा लिया गया और अब वह बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

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