अनूठी पहल : बाल शोषण मुक्त गांव बनाने हेतू बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से किया गया बाल समिति का गठन

सीतामढ़ी: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से शनिवार को सोनवर्षा प्रखंड के इंदरवा पंचायत अंतर्गत नरकटिया गांव में बाल समिति का गठन बाल शोषण मुक्त गांव बनाने हेतू विशेष कार्ययोजना के तहत किया गया। बाल समिति के बारह सदस्यो की चयनित छात्रों की टीम को माला पहनाकर गांव के विद्यालय के प्रधानाध्यापक भोला साह के द्वारा बाल शोषण मुक्त गांव बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया साथ ही बाल समिती के सदस्यो को किए जानें वाले गतिविधी के बारे जानकारी दी गई। गौरतलब है की नरकटिया गांव के दो बच्चों को बाल तस्करी से मुक्त बचपन बचाओ आंदोलन ने सीतामढ़ी पुलीस के सहयोग से करवाया था जिसके उपरांत गांव में बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल विवाह के खिलाफ सामुहिक रूप से प्रयास कर जन जागरूकता बढ़ाने व बाल शोषण मुक्त गांव बनाने हेतू बाल संरक्षण समिति के सहियोग से अनूठी पहल आरंभ की गई है।
इस संदर्भ में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सोनवर्षा आदित्य कुमार चौधरी ने बताया कि बाल श्रम उन्मुलन हेतु बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से बाल समिति का गठन अनूठी पहल हैं इससे बच्चो के बिच बाल आधिकार के प्रति जागरुकता बढ़ेगी साथ ही सामुहिक प्रयास से बाल श्रम मुक्त सोनवर्षा प्रखंड की परिकल्पना साकार हो सकेगी। बाल समिति गठन करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना और बच्चों को उनके अधिकारों के महत्व को समझाना है। बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए बाल समिति गांव में शांति बनाए रखती हैं बाल समिति के गठन में समाजसेवी राजू कुमार, शिक्षक, छात्र छात्रा शामिल थे।
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