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 सरकार की योजनाओं को प्राप्त करने के लिए मजदूरों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी गई जानकारी 

 

सरकार की योजनाओं को प्राप्त करने के लिए मजदूरों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी गई जानकारी

सूचना एवं जनसंपर्क के विभाग तथा श्रम विभाग के संयुक्त रूप से बाल श्रम की उन्मूलन तथा

जनोपयोगी योजनाओं की जानकारी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उत्कृष्ट कलाकारों के द्वारा दी जा रही है ।इसके तहत मजदूरों के जमावड़ा वाले स्थान पर स्टेशन ,बस स्टैंड महापर्व छठ घाटआदि स्थलों पर गीत संगीत एवं नाटक के माध्यम से विभिन्न उपयोगी की जानकारी स्थानीय मजदूरों को दी जा रही है।

छठ महापर्व के अवसर पर प्रवासी मजदूर बाहर से लौटते हैं जिनको सरकार की विभिन्न जानकारी योजना की जानकारी दी जा रही है। योजनाओं का लाभ उठाएं और अपने परिवार को खुशहाल बनाएं।

 

श्रम संसाधन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रति लोगों को किया जा रहा जागरूक

 

बाल श्रम समाज के लिए कलंक है, जिसका खात्मा सरकार एवं समाज के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है: श्रम अधीक्षक।

 

बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजना के अन्तर्गत अबतक जिले में 917 आवेदनों को किया गया स्वीकृत : श्रम अधीक्षक

 

दरभंगा,   श्रम अधीक्षक (अधिनियम),  किशोर कुमार झा ने बताया कि सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग तथा श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वाधान में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विमिनियम) अधिनियम, 1986 तथा श्रम संसाधन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से दरभंगा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, जहाँ श्रमिकों का जमावड़ा लगता है, वहाँ पर प्रतिदिन नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया रहा है।

उन्होंने बताया कि आज शहर के दोनार चौक स्थित श्रमिक हॉट पर श्रम अधीक्षक के देखरेख में नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जबकि लहेरियासराय में श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, बहादुरपुर सुश्री साधना भारती के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

श्रम अधीक्षक ने कहा कि बाल श्रम सभ्य समाज के लिए कलंक है, जिसका खात्मा सरकार एवं समाज के संयुक्त प्रयास से ही संभव है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में अबतक जिले में 20 बाल श्रमिकों को विभिन्न प्रतिष्ठानों से विमुक्त कराया गया है तथा विमुक्त हुए बाल श्रमिकों को सी.एल.टी.एस. पोर्टल पर अंकित कर उसे पुनर्वासित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त ‘‘बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 (संशोधित – 2024)’’  के अन्तर्गत इस वर्ष स्वाभाविक मृत्यु के 64 आश्रितों, दुर्घटना मृत्यु के 17 आश्रितों को लाभान्वित किया जा चुका है।  इसके साथ ही 145 छात्रों को छात्रवृर्ति अनुदान स्वीकृत की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि  ‘‘प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना’’  के तहत इस वर्ष अबतक 05 प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना मृत्यु के पश्चात् उनके आश्रितों को अनुदान स्वीकृत की जा चुकी है।

श्रम अधीक्षक ने बताया कि  ‘‘बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’’  द्वारा संचालित योजना के अन्तर्गत अबतक 917 आवेदन स्वीकृत कर अनुदान का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 19 नगद पुरस्कार, 84 मृत्यु सहायता अनुदान, 713 विवाह सहायता अनुदान, 01 शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता, 07 साईकिल क्रय अनुदान, 01 भवन मरम्मति अनुदान, 25 मातृत्व लाभ अनुदान, 02 पितृत्व अनुदान तथा 02 पेंशन शामिल है।

श्रम अधीक्षक ने मनरेगा में कार्यरत (वानिकी को छोड़कर) मजदूरों से अपील किया कि वे बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड अन्तर्गत अपना निबंधन कराकर श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ उठावें।

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