एम एल एकेडमी में पूर्ववर्ती छात्र एसोसिएशन ने किया छात्रवृत्ति एवं पारितोषिक वितरण
मौके पर पूर्ववर्ती छात्रों ने लिया विद्यालय की प्रतिष्ठा को फिर से बहाल करने का संकल्प

एक जमाना था जब एम एल एकेडमी में दाखिला होने के बाद ना सिर्फ छात्र बल्कि उनके अभिभावक भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते थे। इसके पीछे एकमात्र कारण था, यहां की उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था और समय प्रबंधन के साथ कठोर अनुशासन के पालन की दीक्षा। सोमवार को एम एल एकेडमी के पूर्ववर्ती छात्र एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित छात्रवृत्ति एवं पारितोषिक वितरण समारोह में विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों ने विद्यालय की प्रतिष्ठा को फिर से बहाल करने का संकल्प लिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित समारोह की अध्यक्षता विनय कुमार सिन्हा ने की।
अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि इस विद्यालय का इतिहास प्रतिभा से भरा पूरा रहा है, लेकिन वर्तमान में इसकी गुणवत्ता में आई गिरावट की समीक्षा कर इसकी खोई प्रतिष्ठा को वापस दिलाने के लिए सभी को आगे आना समय की मांग है। उन्होंने स्कूल में बिताए अविस्मरणीय क्षणों को याद करते हुए शिक्षकों से अपील की कि वे लेशन प्लान आवश्यक रूप से तैयार कर बच्चों को शिक्षित करने के प्रति कृत संकल्प हों। अरुण कुमार ने कहा कि कैरियर के विभिन्न क्षेत्रों में एम एल एकेडमी की अनेक पीढ़ियों के पूर्ववर्ती छात्रों को सफलता के शिखर पर देख कर अद्भुत गौरव का एहसास होता है।
कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन के महासचिव सत्यप्रकाश एवं डा मनीष कुमार ने मिलकर किया। मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पाठक ने कहा कि यह अत्यंत आह्लाद पूर्ण है कि विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों के प्रयास से न सिर्फ विद्यालय में आलीशान भवन का निर्माण संभव हो पाया है, बल्कि उनके प्रयास से ही यह विद्यालय सरकार की सूची में आदर्श विद्यालय का दर्जा हासिल करने में सफल हुआ है। उन्होंने इसके आदर्श स्वरूप को विकसित करने के लिए सभी को साथ मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा में अव्वल स्थान पाने वाले मेधावी छात्रों के बीच पारितोषिक एवं छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। दसवीं बोर्ड की परीक्षा में अव्वल आये रंजन कुमार यादव, कोमल एवं रोशन के साथ बारहवीं के विद्यालय टॉपर आयुष द्वितीय एवं अभिषेक राज के साथ ही मैथिली साहित्य के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सुजीत कुमार एवं गुड़िया कुमारी, हिंदी साहित्य के लिए आन्या कुमारी एवं शैष्मा किशोर झा को पुरस्कृत किया गया।
महासचिव सत्य प्रकाश ने बच्चों को प्रोत्साहन के लिए अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ग्रहण करना बड़ी साधना है जिसे प्राप्त करने के लिए अनुशासित रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में मेजर डा पुलिन वर्मा, संतोष कुमार झा, उगन्नाथ मलिक, अनिता कुमारी कामना झा, बी एन झा, संदीप कुमार आदि के साथ विद्यालय के अनेक वर्तमान एवं पूर्ववर्ती छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
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