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• दिव्यांग छात्रा बनी मिसाल, पैर से लिखकर 10वीं परीक्षा में मारी बाजी • रिपोर्ट- निरंजन कुमार समस्तीपुर

दिव्यांग छात्रा बनी मिसाल, पैर से लिखकर 10वीं परीक्षा में मारी बाजी

 

समस्तीपुर : हसनपुर प्रखंड के महुली गांव से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक दिव्यांग छात्रा ने अपने साहस और हौसले से समाज के लिए मिसाल कायम की है। महुली गांव निवासी कृष्णा यादव की पुत्री उजाला कुमारी ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 में दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद उजाला ने हार नहीं मानी और पैर से लिखकर 10वीं की परीक्षा दी। कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने 500 में 322 अंक प्राप्त कर फर्स्ट डिवीजन से परीक्षा उत्तीर्ण की।

यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि हिम्मत, संघर्ष और आत्मविश्वास की बड़ी जीत है। उजाला कुमारी ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। एक ऐसी कहानी, जो हर दिल को छू जाए – हौसले की असली मिसाल बनी ये बेटी!

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