Breaking News

मनीगाछी प्रखंड के टटुआर पंचायत अंतर्गत विशौल गांव के अति प्राचीन श्री श्री 108 सिद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान प्रवाह के तीसरे दिन

श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान प्रवाह के तीसरे दिन डॉ जनक ने कहा
‘भागवत कथा की सार्थकता तब ही, जब इसे जीवन में उतारें’
————————-
मनीगाछी प्रखंड के टटुआर पंचायत अंतर्गत विशौल गांव के अति प्राचीन श्री श्री 108 सिद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान प्रवाह के तीसरे दिन कथा

संवाददाता अजित कुमार सिंह की रिपोर्ट

वाचन करते हुए डॉ जयप्रकाश चौधरी जनक ने कहा कि श्रीमद् भागवत पुराण का मुख्य विषय भक्ति योग है, जिसमें श्रीकृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है। रस भाव की भक्ति में निरूपित भगवान की विभिन्न कथाओं का सार श्रीमद्भागवत मोक्ष दायिनी है। इसके श्रवण से परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई और कलियुग में आज भी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमदभागवत कथा सुनने से प्राणी को मुक्ति प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा की सार्थकता तब ही है जब इसे हम अपने जीवन के व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि  स्मरण करते हुए अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करें। अन्यथा यह कथा केवल ‘ मनोरंजन ‘, कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी ।
संध्या पहर में आयोजित भक्तिमय सांस्कृतिक संध्या में आकाशवाणी, दरभंगा के गायक केदारनाथ कुमर के गाये नचारी एवं महेशवाणी भक्तों के विशेष आकर्षण में रहे। उनके साथ तबला पर मिथुन दास एवं इलेक्ट्रॉनिक बैंजो पर संत कुमार ने संगति दी। कथा ज्ञान प्रवाह में गोता लगाते स्थानीय तथा आसपास के गांवों से आनेवाले भक्तों का उत्साह देखते बनता है। श्री मद् भागवत कथा ज्ञान प्रवाह की यह भक्तिमय रस-धार 25 फरवरी तक बहेगी।

Check Also

दरभंगा • डी एम सी एच में इलाज़रत पीड़ित से मिला माले नेताओं की टीम 

🔊 Listen to this   • डोमू राम के हमलावरो को गिरफ्तार करें पुलिस – …