• जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक

दरभंगा जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता ( कार्यालय कक्ष) में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समिति के निर्धारित कार्यों एवं नशा उन्मूलन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे,जबकि कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
पूर्व के बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सहायक औषधि नियंत्रक, दरभंगा एवं सभी औषधि निरीक्षकों को दवा दुकानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया था।
बैठक में जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि औषधि निरीक्षकों को एक कमरा तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि जप्त दवा को सुरक्षित रखा जा सके।
बैठक में सहायक औषधि नियंत्रक एवं औषधि निरीक्षकों द्वारा शहरी क्षेत्र में आसूचना द्वारा प्रतिबंधित टैबलेट कफ सिरप आदि चिन्हित किए जाने संबंधी सूचना जिला पदाधिकारी को अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने सभी औषधि निरीक्षकों को आपस में सहयोग कर आवश्यकता अनुसार मद्यनिषेध विभाग दरभंगा एवं पुलिस थाना के साथ छापामारी करने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि बिना जीएसटी बिल का दवा मिलता है,जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षकों को जीएसटी अधिकारियों के साथ संयुक्त जांच, छापामारी कराने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने शैक्षणिक संस्थान के 500 मीटर के परिधि में को ड्रग मुक्त क्षेत्र घोषित कर शक्ति से लागू करने का निर्देश दिया,साथ ही नगर निगम दरभंगा क्षेत्र में सभी औषधि निरीक्षकों को एवं अन्य सभी क्षेत्रों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शैक्षणिक संस्थाओं का सर्वे कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने सभी औषधि निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में आसूचना का संकलन कर नशीले पदार्थ टैबलेट, कफ सिरप आदि की जानकारी आम जनता,अनुज्ञप्ति प्राप्त दवा दुकान आदि से करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही स्वयं अपने क्षेत्र में भ्रमण कर दवा दुकानों की औचक जांच के साथ-साथ स्वयं आसूचना संकलन का कार्य करने एवं सूचना के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
आम जनता खासकर विद्यार्थी एवं युवाओं को मादक द्रव्य से होने वाले दुष्प्रभाव को बताते हुए समाज में जागरूकता लाने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने डीपीएम जीविका,जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी को भी अपने कर्मियों तथा जीविका दीदी,टोला सेवक,तामली मरकज, विकास मित्र आदि के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में जन जागरूकता चलाने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि डीएमसीएच में नशा मुक्ति केंद्र संचालित है जो 10 बेड का है जिसमें नशा के आदि मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
जिलाधिकारी द्वारा जिले का क्षेत्र लंबा होने के कारण सुदूर क्षेत्रों से जिला मुख्यालय में मरीजों को आने में कठिनाई होती है,को देखते हुए बिरौल अनुमंडल दरभंगा में एक नशा मुक्ति केंद्र खोलने हेतु प्रस्ताव सिविल सर्जन को देने को कहा।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार,सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
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