• प्रशासनिक पहल पर 6 दिन बाद समाप्त हुआ सामाजिक कार्यकर्ता चिंटू सिंह का आमरण अनशन, बहेड़ी थाना प्रकरण की जांच हेतु कमिटी गठित

बहेड़ी थाना क्षेत्र में व्याप्त अवैध वसूली, भ्रष्टाचार एवं आमजन की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर पिछले 6 दिनों से वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष चल रहा सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ ‘चिंटू सिंह’ का आमरण अनशन रविवार 19 जुलाई 2026 को रात्रि 9:30 बजे प्रशासनिक पहल पर ससम्मान समाप्त हुआ।
छठे दिन तक चली लंबी वार्ता के उपरांत भी कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाने के कारण अनशन जारी था। इस दौरान अनशनकारी के स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम द्वारा जांच भी की गई।
गतिरोध को समाप्त करने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा के निर्देश पर पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार रात्रि 9:30 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की ओर से यह जानकारी दी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच कमिटी के गठन का आदेश दिया गया है। यह कमिटी दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करेगी।
इस जनहित के आंदोलन को मिथिला विकास संगठन सहित समाज के विभिन्न वर्गों का व्यापक समर्थन मिला। मिथिला विकास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकाश फूल ने कहा कि “थाना को वसूली केंद्र में बदलने की प्रवृत्ति अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” सुनील कुमार ने यह भी आश्वस्त किया कि जांच कमिटी के गठन संबंधी आदेश की प्रति ग्रामीण पुलिस अधीक्षक द्वारा सोमवार को अनशनकारी को उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रशासन के इस सकारात्मक रुख और लिखित आश्वासन पर चिंटू सिंह ने जूस ग्रहण कर अपना अनशन समाप्त किया। चिंटू सिंह ने शपथ पत्र के माध्यम से बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज गुप्ता एवं अवर निरीक्षक रौशन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि थाना में गरीब, दलित एवं वंचित वर्ग के लोगों की प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी की जाती है, अवैध वसूली को प्रोत्साहन दिया जाता है तथा अपराधी तत्वों को संरक्षण प्रदान किया जाता है।
समाजसेवी कालीचरण यादव ने इसे केवल एक व्यक्ति का आंदोलन न मानकर “मिथिला की अस्मिता और स्वाभिमान की लड़ाई” करार दिया।
अनशन समाप्ति के पश्चात चिंटू सिंह ने कहा कि “हम प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा करते हैं। अब हमारी अपेक्षा है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए ताकि आमजन का पुलिस पर विश्वास बहाल हो सके।” अनशन के दौरान उनकी प्रमुख मांग थी कि बहेड़ी थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। वरीय पुलिस अधीक्षक की देखरेख एवं प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया जाए। बहेड़ी थाना के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक पंजी एवं मालखाना पंजी की फॉरेंसिक जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
धरना स्थल पर सुनील राम, संतोष लाल देव, कुमुद राम, लक्ष्मण साहू, कृष्ण कुमार, विजय महतो, नवीन कुमार सहित बड़ी संख्या में पीड़ितजन एवं विकाश फूल, समाजसेवी कालीचरण यादव, मुकेश कुशवाहा, रंजीत कुमार यादव, विवेक कुमार, उमेश यादव, प्रवीण कुमार सिंह, भावेश कुमार, मनीष कुमार सहित सैकड़ों समर्थक उपस्थित थे।
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