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मधुबनी जागरूकता से मलेरिया का बचाव संभव: जिला मलेरिया पदाधिकारी . जागरुकता के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर दिया जोर।

जागरूकता से मलेरिया का बचाव संभव: जिला मलेरिया पदाधिकारी

. जागरुकता के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर दिया जोर

. वीसी के माध्यम से चिकित्सा पदाधिकारियों को दिए निर्देश।

 

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प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, परंतु कोविड.19 की परिस्थितियों को देखते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर एसपी सिंह ने सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र लिखकर एवं जूम ऐप के माध्यम सभी चिकित्सा प्रभारी को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्रों में सोशल मीडिया तथा फेसबुक,व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनों को मलेरिया के प्रति बचाव एवं सामान्य सावधानियों के प्रति लोगों को जागरूक करें।

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार नीरज कुमार सिंह ने बताया कि मलेरिया के परजीवी चार तरह के होते हैं । जिसमें प्लाजमोडिम वाई भेक्स एवं प्लाज्मोडियम फालसिफेरम टाइप के परजीवी मधुबनी जिले में पाए जाते हैं। यह बीमारी मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है । जब यह मच्छर किसी व्यक्ति को काटती है तो खून के साथ प्लाज्मोडियम उसके शरीर में आ जाता है और वह संक्रमित हो जाता है और पुनः जब किसी स्वस्थ मनुष्य को काटती है तो वह भी मलेरिया से संक्रमित हो जाता है। इस तरह एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में इसका प्रसार होता है।

क्या हैं इसके लक्षण
ठंड लगकर बुखार आना मलेरिया का प्रमुख लक्षण है इसमें एक निश्चित अवधि के उपरांत बुखार स्वत समाप्त हो जाता है।

गर्भवती महिलाएं करें बचाव

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एस पी सिंह ने कहा गर्भवती महिलाओं के लिए मलेरिया से बचना बहुत आवश्यक हैए क्योंकि यह बीमारी उनके गर्भ में पल रहे शिशु को भी नुकसान पहुंचा सकती है। गर्भवती महिला को सोते समय कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा अगर सर्दी कंपन के साथ बुखारएतेज बुखार या सर दर्द बुखार उतरते समय बदन का पसीना आना आदि लक्षण हो तो तुरंत स्वास्थ्य कर्मीए या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

क्या है बचाव

. अपने घर के आस.पास पानी न जमा होने दें
. पानी के बर्तन टंकियों को हमेशा ढककर रखें
. पशु और पक्षियों के बर्तन को सप्ताह में एक बार सुखा कर इस्तेमाल करें
. ठहरे हुए पानी जैसे तालाब कुआं आदि में गमबुजिया मछली डालें यह मछली मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लारवा को खा जाती है।

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